पिछले दिनों मूसलाधार बारिश से बालटाल ट्रैक के कई जगह क्षतिग्रस्त हो जाने से पंजतरणी-बालटाल के बीच फंसे 400 अमरनाथ यात्रियों को शुक्रवार दोपहर तक वायु सेना के तीन एमआई-17 हेलीकाप्टर ने रेस्क्यू आपरेशन चलाकर सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया। अभी भी ट्रैक के बीच करीब पांच हजार यात्री फंसे हुए हैं, जिन्हें नीचे लाने का काम जारी है।
श्री अमरनाथ श्राइन बोर्ड के चेयरमैन व राज्यपाल एनएन वोहरा के निर्देश पर पंजतरणी-बालटाल ट्रैक में फंसे बीमार, बुजुर्ग और महिला श्रद्धालुओं को पहले निकाला गया है। ट्रैक पर कई जगह पहाड़ों से निरंतर पत्थर गिरने के कारण पंजतरणी में बड़ी संख्या में यात्रियों को रोका गया था। गांदरबल के जिला उपायुक्त पीयूष सिंगला ने बताया कि खराब मौसम के कारण बालटाल यात्रा मार्ग पर पंजतरणी में बड़ी संख्या में यात्रियों को रोका गया है।
ऐसे यात्रियों को बेस कैंप बालटाल में एयरलिफ्ट की कोशिश की जा रही है। ऐसे करीब 5000 यात्रियों को निकालने के लिए एसडीआरएफ, जम्मू कश्मीर पुलिस माउंटेन रेस्क्यू टीम आदि को लगाया गया है, जबकि करीब 400 यात्रियों को निकाल लिया गया है। जिला उपायुक्त ने कहा कि मौसम ठीक होने पर बालटाल ट्रैक को दुरुस्त बनाने का काम किया जा रहा है। इस बीच गांदरबल में एक सड़क दुर्घटना में दो अमरनाथ यात्री घायल हो गए। गुंड के एसएचओ सैयद आरिफ ने बताया कि बालटाल से श्रीनगर की ओर जा रही अमरनाथ यात्रियों से भरी बस जेके14सी2397 कंगन के गनीवन क्षेत्र में सड़क से नीचे उतर गई। इससे उसमें सवार दो यात्री घायल हो गए।