जम्मू। श्री अमरनाथ यात्रा 2024 के लिए प्रत्येक यात्री को सफल ई-केवाईसी के बाद ही आरएफआईडी कार्ड जारी किए जाएंगे। किसी भी यात्री को वैध आरएफआईडी कार्ड के बिना यात्रा पर जाने की अनुमति नहीं दी जाएगी। इसके साथ लखनपुर से बालटाल/नुनवान तक यात्रियों को ठहराने के केंद्रों के विस्तार पर जोर दिया जा रहा है। मुख्य सचिव अटल डुल्लू ने सोमवार को श्री अमरनाथजी श्राइन बोर्ड (एसएएसबी) की उप-समिति की बैठक में यात्रा की तैयारियों की समीक्षा की।
मुख्य सचिव ने नागरिक प्रशासन और पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों को सुरक्षित और परेशानी मुक्त यात्रा के लिए सभी उचित इंतजामों को सुनिश्चित बनाने को कहा। तीर्थ यात्रियों की सुरक्षित और सुचारू आवाजाही के लिए खासतौर पर जम्मू-श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग के साथ बालटाल और चंदनबाड़ी से पवित्र गुफा तक जाने वाले दोनों मार्गों पर बेहतर प्रबंध करने को कहा गया है। उन्होंने तीर्थयात्रा के सुचारू संचालन को सुनिश्चित करने के लिए सभी आवश्यक सुविधाओं को उचित रूप से बढ़ाने का निर्देश दिया। आगामी 29 जून से शुरू हो रही अमरनाथ यात्रा इस बार 52 दिन की होगी। उप राज्यपाल के प्रधान सचिव व श्राइन बोर्ड के सीईओ डॉ. मंदीप के भंडारी ने एसएएसबी-2024 के विभिन्न पहलुओं पर विस्तृत प्रस्तुति दी। इसमें यात्रा के लिए पंजीकरण, सेवा प्रदाता, यात्रा शिविर, लंगर सेवाएं, विभिन्न सुविधाओं के प्रावधान आदि शामिल हैं। मुख्य सचिव ने गुणवत्ता से समझौता किए बिना वार्षिक यात्रा शुरू होने से पहले विभिन्न विभागों के साथ सभी लंबित कार्यों को पूरा करने के लिए कहा। उन्होंने संबंधित अधिकारियों से चल रही विकास परियोजनाओं को समय पर पूरा करने के लिए संबंधित साइटों का नियमित रूप से दौरा करने को कहा।
उन्होंने रंगामोड़-बालटाल/दोमेल से पवित्र गुफा और चंदनबाड़ी से पवित्र गुफा सहित यात्रा मार्गों के उन्नयन की स्थिति की समीक्षा की। उन्होंने रेलिंग और रिटेनिंग दीवारों को ऊंचा करने के अलावा पैदल मार्गों/मार्गों को चौड़ा करने के निर्देश दिए। जम्मू और कश्मीर के संभागीय आयुक्तों को निर्देश दिया कि वे अपने संभागों में राष्ट्रीय राजमार्गों पर जन सुविधाएं, पानी और बिजली आपूर्ति, लंगर, पंजीकरण और चिकित्सा देखभाल जैसी बुनियादी सुविधाओं का पर्याप्त प्रावधान करें। अधिकारी कार्यों के संचालन की बारीकी से निगरानी करें, जिसमें सभी गुणवत्ता मापदंडों को सुनिश्चित बनाया जाए। यात्रा मार्ग पर विशेष रूप से कठुआ, सांबा, जम्मू, उधमपुर, रामबन, बालटाल और चंदनबाड़ी में पारगमन शिविरों में की जा रही व्यवस्थाओं की देखरेख करने के लिए कहा गया। वैज्ञानिक अपशिष्ट निपटान के लिए स्वच्छता और पर्यावरण की दृष्टि से सुरक्षित सुविधाओं के प्रावधान के संबंध में आरडीडी के साथ एचएंडयूडीडी को यात्रा के दौरान स्वच्छता के लिए पर्याप्त व्यवस्था सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया। जल शक्ति विभाग यह सुनिश्चित करेगा कि यात्रा शुरू होने से पहले विभिन्न शिविरों और पवित्र गुफा मंदिर के रास्ते में पर्याप्त जल आपूर्ति के लिए आवश्यक प्रावधान किए जाएं।
मुख्य सचिव ने स्वास्थ्य व चिकित्सा शिक्षा विभाग को यह सुनिश्चित करने का निर्देश दिया कि समय-समय पर इस संबंध में जारी किए गए निर्देशों के अनुरूप विभिन्न शिविरों और मार्ग में पर्याप्त स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध करवाई जाएं। उन्होंने विद्युत विकास विभाग को सभी यात्रा शिविरों और यात्रा 2024 के मार्ग में इष्टतम वाट क्षमता के साथ बिजली की पर्याप्त व्यवस्था सुनिश्चित करने और ऊपरी शिविरों में लाइटनिंग कंडक्टर, एलईडी लाइट, विभिन्न स्थानों पर रोशनी वाले टावर लगाने की व्यवस्था करने को कहा। वहीं, यात्रियों के लिए शीघ्र हेलिकाप्टर आनलाइन बुकिंग शुरू करने की तैयारी की जा रही है।
प्रभावी मौसम पूर्वानुमान प्रणाली काम करेगी
अमरनाथ यात्रा की मौसम पर निर्भरता अहम रहती है। भारतीय मौसम विभाग यह सुनिश्चित करेगा कि प्रभावी मौसम पूर्वानुमान के लिए आवश्यक उपाय समय पर लागू किए जाएं। मौसम पूर्वानुमानों को समय पर जारी करने और सूचना व जनसंपर्क विभाग और संचार के अन्य साधनों के माध्यम से इसका प्रभावी प्रसार सुनिश्चित किया जाएगा, ताकि यात्री मौसम के मुताबिक सुरक्षित यात्रा योजना बना सकें।
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प्रमुख स्थानों पर अग्नि सुरक्षा ऑडिट होगा
मुख्य सचिव ने सूचना विभाग को यात्रा के लिए यात्रा शिविरों/मार्ग में विभिन्न स्थानों/ठहरने के केंद्रों पर पर्याप्त संख्या में सार्वजनिक संबोधन प्रणाली/होर्डिंग/बैनर लगाने का निर्देश दिया है। मौसम के पूर्वानुमान और अन्य प्रासंगिक सूचनाओं के बारे में वास्तविक समय के आधार पर संबंधितों को अपडेट करने के लिए अन्य संचार विधियों के अलावा सोशल मीडिया हैंडल का उपयोग करने पर जोर दिया गया। उन्होंने अग्निशमन और आपातकालीन सेवा विभाग को यात्रा 2024 के शुरू होने से पहले शिविरों/ठहरने के केंद्रों/लंगर स्थलों/टेंट और दुकान क्षेत्रों सहित सभी स्थानों पर आवश्यक अग्निशमन उपकरणों की व्यवस्था करने के साथ अग्नि सुरक्षा ऑडिट करने को कहा।