-अमरनाथ श्राइन बोर्ड ने स्वास्थ्य मंत्रालय को संशोधन को लेकर लिखा
-फरवरी के आखिर या मार्च के पहले सप्ताह में श्राइन बोर्ड की बैठक में यात्रा की तिथियां घोषित की जाएंगी
अमर उजाला ब्यूरो
जम्मू। श्री अमरनाथ यात्रियों की सहूलियत के लिए अनिवार्य स्वास्थ्य प्रमाणपत्र के स्वरूप में बदलाव किया जा सकता है। सूत्रों के अनुसार बोर्ड की ओर से स्वास्थ्य मंत्रालय को संशोधन के लिए लिखा गया है। इस साल श्रीनगर के पंथाचौक स्थित यात्री निवास में श्रद्धालुओं को ठहराया जा सकता है। यात्रा की तैयारियों के लिए निविदाएं प्रक्रिया जारी हैं। श्री अमरनाथ श्राइन बोर्ड की फरवरी के आखिर या मार्च के पहले सप्ताह में होने जा रही बैठक में यात्रा की तिथियां घोषित की जाएंगी।
इस साल लोकसभा चुनाव के बीच अमरनाथ यात्रा के होने की उम्मीद है। जिससे पहले ही जम्मू कश्मीर में भारी सुरक्षाबलों की मौजूदगी होगी। इस साल यात्रियों के लिए ठहरने की व्यवस्था का विस्तार किया जाएगा। पिछले साल भी रामबन में नवनिर्मित यात्री निवास में खराब मौसम व आपात स्थिति में शिवभक्तों को अस्थायी आवास की सुविधाएं प्रदान की गई थीं। श्रीनगर के यात्री निवास में भी काम तेजी से किया जा रहा है, जिससे इस साल वहां यात्रियों को ठहराया जा सकता है। अमूमन 15 मार्च से देश के मान्यता प्राप्त चिकित्सा केंद्रों में अनिवार्य स्वास्थ्य प्रमाणपत्र बनना शुरू हो जाते हैं। जिससे सामान्य तौर पर अप्रैल के शुरू से देश की निर्धारित बैंक शाखाओं में ऑफलाइन अग्रिम पंजीकरण प्रक्रिया शुरू हो जाती है। हालांकि वर्ष 2023 में यह प्रक्रिया 17 अप्रैल से शुरू हो पाई थी। वर्ष 2022 से पारंपरिक पहलगाम और बालटाल ट्रैक से दैनिक आधार पर 10-10 हजार यात्रियों को भेजने की अनुमति दी जा रही है और इसमें भी यात्रियों की संख्या बढ़ाने पर विचार किया जा सकता है। वर्ष 2023 में 62 दिन की रिकार्ड यात्रा में 4.45 लाख श्रद्धालुओं के बाबा बर्फानी में पहुंचने का दावा किया गया था। इससे पहले 2009 में 60 दिन, वर्ष 2010 में 55, 2013 में 55 और 2017 में 59 दिन की यात्रा हुई थी। इस साल भी करीब दो माह की यात्रा होने की उम्मीद है।
वर्ष 2023 की यात्रा के पहले 27 दिन (369288) में ही तीर्थयात्रियों ने वर्ष 2022 के 365721 यात्रियों का रिकाॅर्ड तोड़ दिया था। जबकि ऑलटाइम वर्ष 2011 में 6.36 लाख और 2012 में 6.20 लाख यात्री पहुंचे थे। देशभर में 500 से अधिक बैंक शाखाओं में ऑफलाइन पंजीकरण प्रक्रिया शुरू की जाती है। जिसमें जम्मू कश्मीर से करीब 20 बैंक शाखाएं होती हैं।