दिल्ली निवासी मुकेश कुमार आधार शिविर भगवती नगर में प्रशासन के हर कर्मचारी और अधिकारियों को अपने दस्तावेज दिखा रहे हैं। उनके साथ कुछ महिलाएं व बुजुर्ग भी है, जो दोबारा पंजीकरण करवाने के लिए जद्दोजहद कर रहे हैं। सभी परेशान हैं और कह रहे हैं कि हमारी गलती नहीं। उनके साथ विश्वासघात हुआ।
अब ऐसा न हो कि बाब बर्फानी के दर्शन से वंचित रखा जाएगा। मुकेश की तरह ही अमरनाथ यात्रा के लिए आए 300 से अधिक ऐसे श्रद्धालु हैं, जो फर्जी पंजीकरण का शिकार हुए हैं और तीन दिन से आधार शिविर में ये उम्मीद लेकर बैठे हैं कि किसी तरह दोबारा पंजीकरण हो जाएगा, ताकि बाबा बर्फानी के दर्शन कर घर लौट सकें। आधार शिविर भगवती नगर में इन यात्रियों को ठहराया गया है। इनमें अधिकांश का पंजीकरण दो जुलाई का हुआ था, लेकिन फर्जी निकाला। 30 जून को ये लोग जम्मू पहुंच गए थे, अब जम्मू में ही बैठे हैं।
दो जुलाई के जत्थे में अमरनाथ यात्रा पर जाना था। जम्मू पहुंचे तो पता चला की पंजीकरण ही फर्जी है। बाबा बर्फानी के दर्शन के लिए साल भर से पैसे जोड़ रहे थे, लेकिन पलभर में सब खत्म हो गया। अब प्रशासन कह रहा है दोबारा पंजीकरण करवाओ।
- विजय अग्रवाल, दिल्ली
पिछले साल भी यात्रा की थी और काफी अच्छा अनुभव रहा। इस बार जम्मू पहुंचते सारी उम्मीदों पर पानी फिर गए। प्रशासन ने जब पंजीकरण की जांच की तो पता चला कि फर्जी है। पैसा और समय बर्बाद हुआ है और परेशानी अलग से झेल रहे हैं।
-मंजू दूबे, दिल्ली
पांच मई को पंजीकरण करवाया था। बाबा बर्फानी के दर्शनों की बड़ी आस थी। पूरा परिवार खुश था। दिल्ली से उत्साह के साथ निकले। जम्मू पहुंचते ही उत्साह परेशानी में बदल गया। हमारे साथ व्यवहार ऐसा किया जा रहा है, जैसे वे ही फर्जी पंजीकरण करने वाले लोग हैं।
- रशमी, दिल्ली
12 साल से यात्रा कर रहा हूं, कभी इस तरह की परेशानी नहीं आई। पहली बार ऐसा देखने को मिला है। जिसको पंजीकरण की जिम्मेदारी दी थी उस पर जरूरत से ज्यादा विश्वास कर लिया। अति विश्वास हमारे लिए परेशानी का कारण बना।
- मुनीष गुप्ता दिल्ली
60 साल उम्र है। इच्छा थी कि बाबा के दर्शन करती, लेकिन परेशानी ने ऐसे जकड़ा कि दूर होने का नाम ही नहीं ले रही। प्रशासन मदद का आश्वासन तो देता है, लेकिन तीन दिन से कुछ कर नहीं पाया है। प्रशासन बात सुने और परेशानी को दूर करे।
- कमलेश शर्मा, दिल्ली