इस बार अमरनाथ यात्रियों पर मौसम मेहरबान बना हुआ है। पारंपरिक बालटाल और पहलगाम ट्रैक से यात्रा नियमित जारी है। खुशनुमा मौसम के चलते 300 किलोमीटर जम्मू-श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग भी बहाल है। जम्मू में यात्रियों को तपिश झेलनी पड़ रही है, लेकिन घाटी में पहुंचकर यात्रियों को गर्मी से राहत भी मिल रही है। मौसम का मिजाज ज्यादा न बदलने से इस बार श्री अमरनाथ श्राइन बोर्ड भी निर्धारित समय पर यात्रा शुरू कर पाया।
वर्ष 2014 में 28 जून को अमरनाथ यात्रा को शुरू किया गया था, लेकिन 44 दिन की यात्रा में पहले चार दिन श्रद्धालुओं को बालटाल से ही यात्रा करने का मौका मिला था। बर्फबारी के चलते पारंपरिक पहलगाम ट्रैक को चार दिन बाद 2 जुलाई को खोला जा सका था, लेकिन इस बार यात्रा को निर्धारित दो जुर्लाई से दोनों ट्रैक से शुरू कर दिया गया। हालांकि बर्फ हटाने में युद्धस्तर पर काम करना पड़ा, लेकिन मौसम खराब न होने से बर्फ हटाने के कार्य में बाधा नहीं आई।
जम्मू आधार शिविर से जाने वाले हर नए जत्थे के साथ श्रद्धालुओं की संख्या में भी बढ़ोतरी हो रही है। पिछले साल छठे जत्थे में दो हजार का आंकड़ा पार हो सका था, लेकिन इस बार तीसरे ही जत्थे में यह आंकड़ा पार हो गया। पिछले दो दिन से लगातार दो हजार से अधिक श्रद्धालु आधार शिविर से रवाना हो रहे हैं। मौसम विभाग ने अगले दो दिन भी मौसम साफ रहने की भविष्यवाणी की है।
जिससे यात्रा के नियमित जारी रहने में मौसम की ओर से कोई रुकावट नहीं आएगी। श्री अमरनाथ गुफा के बेस कैंप पहलगाम में मौसम ठंडा बना हुआ है। यहां यात्रा करने के साथ यात्रियों को मौसम और प्राकृतिक सौंदर्य का लुत्फ मिल रहा है। देशभर से अधिकांश यात्री पारंपरिक पहलगाम रूट से ही यात्रा को प्राथमिकता दे रहे हैं।