संभाग के दस जिलों पर जीएमसी के बाद एसएमजीएस में नया आक्सीजन प्लांट स्थापित किया जा रहा है। प्लांट के शुरू होने पर महत्वपूर्ण यूनिटों के साथ अन्य वार्डों में आक्सीजन की सप्लाई व्यवस्था की जाएगी। इससे मरीजों को राहत मिल सकेगी। अभी आक्सीजन के लिए अस्पताल प्रशासन सालाना साठ लाख रुपये खर्च कर रहा है। आक्सीजन के लिए अस्पताल में बाहर से लाए जाने वाले सिलेंडरों से ही काम चलाया जा रहा है।
एसएमजीएस अस्पताल में लेबर रूम, निको, सिको, वार्ड 12, 18 आदि में हाई रिस्क मरीजों को इलाज दिया जा रहा है। ऐसे वार्डों में अक्सर आक्सीजन की जरूरत रहती है, लेकिन अस्पताल के पास अपना कोई भी प्लांट न होने से बाहर से सिलेंडरों की आपूर्ति की जा रही है। इसमें हर माह करीब पांच लाख रुपये खर्च हो रहे हैं।
इसके अलावा अस्पताल में सिलेंडर की उपलब्धता को सुनिश्चित बनाना चुनौती रहता है, लेकिन नए प्लांट के लग जाने से क्रिटिकल केयर चिकित्सा सुविधा को मजबूत बनाया जा सकेगा। अस्पताल के अधीक्षक डा. दारा सिंह के अनुसार अस्पताल परिसर के साथ नया प्लांट स्थापित किया गया है। जिसे शीघ्र शुरू कर दिया जाएगा।
उल्लेखनीय है कि संभाग स्तर पर चिकित्सा शिक्षा विभाग में सिर्फ जीएमसी में ही आक्सीजन प्लांट स्थापित किया गया है।