महंत दीपेंद्र गिरि के नेतृत्व में श्रावण अमावस्या पर श्री अमरनाथ जी की छड़ी मुबारक गोपाद्री पहाड़ियों पर स्थित शंकराचार्य मंदिर पहुंची। पवित्र गदा के साथ आए साधुओं ने पूजा-अर्चना कर जम्मू-कश्मीर की शांति और समृद्धि के लिए प्रार्थना की। इस दौरान शंख ध्वनि से वातावरण भक्तिमय बन गया।
छड़ी मुबारक को गुरुवार को देवी के दर्शन के लिए हरि पर्वत स्थित शारिका भवानी मंदिर ले जाया जाएगा। शनिवार को यहां श्री अमरेश्वर मंदिर दशनामी अखाड़े में छड़ी स्थापना के लिए अनुष्ठान किया जाएगा। इसके बाद सोमवार को नाग पंचमी पर दशनामी अखाड़े में छड़ी पूजन किया जाएगा।
इसके बाद 26 अगस्त को पहलगाम, 28 अगस्त को चंदनबाड़ी, 29 अगस्त को शेषनाग में और 30 अगस्त को पंचतरणी में विश्राम के बाद 31 अगस्त को श्रावण-पूर्णिमा की सुबह पूजन और दर्शन करने के लिए पवित्र गुफा मंदिर में गदा को ले जाया जाएगा। यहां पूजा के बाद अगले दिन पहलगाम में लिद्दर नदी में विसर्जन किया जाएगा।
महंत गिरि ने कहा कि जम्मू-कश्मीर के लोगों ने हमेशा यात्रा का समर्थन किया है। मुझे यकीन है कि यह जारी रहेगा। जब हम यात्रियों का स्वागत करेंगे, तो इससे पूरे देश में एक बेहतर संदेश जाएगा। मुझे लगता है कि आने वाले समय में अधिक लोग यात्रा करेंगे और सुविधाएं भी बेहतर होंगी। महंत ने कहा कि वह जम्मू-कश्मीर में 1989 से पहले की तरह शांति और समृद्धि की वापसी के लिए पवित्र गुफा मंदिर में प्रार्थना करेंगे।
वहीं, जम्मू के भगवती नगर आधार शिविर से बुधवार को 843 अमरनाथ यात्रियों का जत्था घाटी के लिए रवाना हुआ। 39वें जत्थे में 614 पुरुष, 146 महिलाएं, 67 साधु और सात बच्चे शामिल हैं। 27 वाहनों के काफिले में जत्था पहलगाम और बालटाल आधार शिविरों के लिए सुबह 3 बजे से 3.40 बजे के बीच रवाना हुआ। वहीं आगामी छड़ी मुबारक की तैयारियां पूरी हो गई हैं। इस बार वार्षिक यात्रा एक जुलाई से शुरू हो कर 31 अगस्त तक जारी रहेगी। इस बार अब तक 4.25 लाख से अधिक तीर्थयात्रियों ने बाबा बर्फानी के दर्शन कर लिए हैं।