लिद्दर नदी के किनारे छड़ी पूजन तथा विसर्जन कार्यक्रम के साथ ही इस वर्ष की पवित्र अमरनाथ यात्रा के समापन की घोषणा की गई। महंत दिपेंद्र गिरि की अध्यक्षता में हुए कार्यक्रम में बड़ी संख्या में साधु, भक्त तथा स्थानीय लोग शामिल हुए। पहलगाम की सैर पर आए कुछ पर्यटक भी इस मौके पर वहां मौजूद थे।
44 दिनों की वार्षिक यात्रा के अंतिम दर्शन 10 अगस्त को हुए और उसके बाद पवित्र अमरनाथ छड़ी की वापसी की यात्रा शुरू हो गई थी। पहलगाम आधार शिविर पर लिद्दर नदी के किनारे आयोजित पूजन, विसर्जन तथा भंडारे का आयोजन किया गया।
इस मौके पर यात्रा के समापन पर दशनामी अखाड़े के महंत दिपेंद्र गिरि ने यात्रा को शांतिपूर्वक ढंग से संपन्न करवाने के लिए राज्य तथा अनंतनाग जिला प्रशासन को मुबारकबाद दी। यात्रा के दौरान सुरक्षा प्रदान करने के लिए सेना, केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल, सीमा सुरक्षा बल तथा राज्य पुलिस का भी आभार प्रकट किया।
इसके अलावा यात्रियों को सुविधाएं उपलब्ध करवाने के लिए विभिन्न विभागों तथा राज्य की जनता को भी इसमें सहयोग देने के लिए धन्यवाद किया। मौसम विभाग द्वारा मौसम की जानकारी देने के लिए उसका भी आभार जताया गया।
महंत ने इस यात्रा के पंजीकरण की प्रक्रिया को सरल बनाने के लिए कहा ताकि अधिक संख्या में भक्त आसानी से अपना पंजीकरण करा कर यात्रा में भाग ले सकें। तत्काल पंजीकरण करने के लिए उन्होंने नुनवन में केंद्र खोलने का सुझाव भी दिया।
यात्रा के दौरान बालटाल आधार शिविर पर आगजनी की घटना पर अफसोस प्रकट करते हुए भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए प्रभावी कदम उठाने के लिए कहा। शाम को पवित्र छड़ी को वापस दशनामी अखाडे़ में पहुंचा दिया गया।