कश्मीर घाटी में सुरक्षा बलों की 380 अतिरिक्त कंपनियां भेजे जाने को लेकर आशंकाओं के बीच राज्य प्रशासन की ओर से पाक आतंकी हमले के अंदेशे पर अमरनाथ यात्रियों से तत्काल घाटी छोड़ने को कहा गया है। इस एडवाइजरी के जारी होने के बाद जम्मू-कश्मीर के सियासी गलियारों में भूचाल सा आ गया है। पीडीपी की अध्यक्ष महबूबा मुफ्ती ने कहा कि यह जीने-मरने का समय है तो नेकां उपप्रधान उमर अब्दुल्ला ने कहा कि यह अलर्ट किसी अलग और बड़े कारण का अंदेशा दे रहा है।
आपको बता दें कि अमरनाथ यात्रियों तथा पर्यटकों को राज्य प्रशासन की ओर से शुक्रवार दोपहर एक एडवाइजरी जारी कर उन्हें जल्द से जल्द सुरक्षित स्थान पर जाने को कहा गया है। इस बीच अमरनाथ यात्रा मार्ग पर स्नाइपर राइफल, पाक सेना आर्डिनेंस फैक्ट्री निर्मित लैंडमाइन मिला है। सेना ने दावा किया है कि आतंकियों के निशाने पर अमरनाथ यात्री थे। सेना और वायु सेना को अलर्ट पर कर दिया गया है। इस बीच अमरनाथ यात्रा मार्ग से टट्टू तथा लंगर वाले लौटने लगे हैं।
हमारे लिए जीने-मरने का समय: महबूबा
पीडीपी प्रमुख महबूबा मुफ्ती ने कहा कि यह समय हमारे लिए जीने मरने वाला है क्योंकि हमें जम्मू-कश्मीर की पहचान को बचाना है। भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा कि उनके नेता भले ही कुछ बोलें लेकिन हकीकत यह है कि राज्य पुलिस को साइडलाइन करके केंद्रीय बलों को लाया जा रहा है। इससे अटकलें तेज हो गई हैं कि अनुच्छेद 35ए को हटाया जा रहा है। यह समय एकजुट होने का है लेकिन सभी अलगाववादी नेता या तो नजरबंद हैं या फिर जेल में बंद हैं। इसलिए देश के संविधान की रक्षा करने की जिम्मेदारी यहां के मुख्यधारा की पार्टियों की है।
कहा कि चुनाव तो कभी भी हो सकते हैं और सरकार किसी की भी बन सकती है लेकिन इस समय अपनी पहचान की रक्षा करना सभी मुख्यधारा की पार्टियों की जिम्मेदारी बनती है। उमर अब्दुल्ला पर निशाना साधते हुए कहा कि दुख तब हुआ जब उमर ने कहा कि उन्होंने चुनावों को लेकर प्रधानमंत्री से बातचीत की और यह नहीं बताया कि क्या बात हुई। पूर्व आईएएस अफसर शाह फैसल ने सभी राजनीतिक दलों की बैठक बुलाई है।
अलर्ट बिल्कुल अलग सी चीज के लिए: उमर
कश्मीर की वर्तमान स्थिति के बीच सरकार द्वारा सेना और एयरफोर्स को अलर्ट जारी होने की खबर सामने आने के बाद उमर ने ट्वीट कर आशंका जताई कि यह अलर्ट किसी बिल्कुल अलग सी चीज के लिए हो सकता है। कश्मीर में कौन सी वर्तमान परिस्थिति है जिसमें सेना और एयरफोर्स को अलर्ट पर रखने की जरूरत पड़ रही है। यह अनुच्छेद 35ए या परिसीमन निर्धारण से जुड़ा हो ऐसा नहीं हो सकता है। अगर सच में कोई ऐसा अलर्ट जारी हुआ है तो यह अवश्य किसी बिल्कुल अलग सी चीज के लिए होगा।