आज सवेरे प्रशासन ने हरी झंडी दिखाकर अमरनाथ यात्रा 2023 के लिए तीर्थयात्रियों के पहले जत्थे को बालटाल से अमरनाथ गुफा के लिए रवाना किया। इस मौके पर उप आयुक्त, गांदरबल श्यामबीर ने कहा कि आज हम यहां से यात्रियों के पहले जत्थे को रवाना कर रहे हैं। मैं कामना करता हूं कि सबकी यात्रा मंगलमय हो। यात्रियों से निवेदन है कि वे सभी सुविधाओं का लाभ लें। अभी करीब 7000 से 8000 यात्री हैं। रजिस्ट्रेशन अभी भी जारी है। हमारे वालंटियर सभी जगहों पर मदद के लिए मौजूद हैं।
इसे यात्री को हमेशा अपने साथ गले में लटकाए रखना है, ताकि उनकी पहचान सुनिश्चित हो सके। दक्षिण कश्मीर में पहलगाम के नुनवान रूट से पवित्र गुफा की दूरी 32 किलोमीटर और मध्य कश्मीर में गांदरबल के बालटाल मार्ग से यह दूरी 14 किलोमीटर है। जिससे बालटाल रूट से जाने वाले यात्री एक ही दिन में दर्शन करके लौट आते हैं और अधिकांश यात्री इसी रूट को प्राथमिकता देते हैं।
बालटाल
पुरुष 1145
महिलाएं 262
बच्चे 05
साधु 74
साध्वी 05
कुल 1 491
पहलगाम
पुरुष 1659
महिलाएं 223
साधु 106
साध्वी 08
मंगलामुखी 01
कुल 1997
आधार शिविर भगवती नगर जम्मू में शुक्रवार तड़के अमरनाथ श्राइन बोर्ड के चेयरमैन व उप राज्यपाल मनोज सिन्हा ने वैदिक मंत्रोच्चारण के बीच झंडी दिखाकर पहले जत्थे को रवाना किया। उन्होंने शांति, समृद्धि और सुरक्षित आध्यात्मिक यात्रा के लिए प्रार्थना की। उन्होंने कहा कि यह पवित्र तीर्थ यात्रा परम आनंद है।
यह विनम्रता, करुणा और जागरूकता का मार्ग है। 62 दिन की यात्रा की शुरुआत में आधार शिविर भगवती नगर में भक्त झूमते नजर आए। शिव सूत्र कहता है, क्षमो भैरव, आध्यात्मिक प्रयास ही भैरव है, जो परमात्मा का अनुभव करने के लिए पहला कदम है। यह आंतरिक परिवर्तन की यात्रा है।
केंद्र शासित प्रदेश प्रशासन ने शिव भक्तों की सुरक्षित और परेशानी मुक्त तीर्थ यात्रा के लिए पर्याप्त व्यवस्था की है। इस दौरान आधार शिविर श्रदालुओं से पैक रहा। हालांकि वर्ष 2022 में जम्मू से पहले जत्थे में 4890 श्रदालु कश्मीर के लिए रवाना हुए थे।
62 दिन की यात्रा की शुरुआत में आधार शिविर भगवती नगर में भक्तजन झूमते नजर आए। उनका कहना था कि कोई भी राष्ट्रविरोधी ताकत उन्हें बाबा बर्फानी के पास जाने से रोक नहीं सकती है। हमारे मुस्तैद सुरक्षाबल हर चुनौती का जवाब देने के लिए तैयार खड़े हैं, जिससे हम बिना खौफ के बाबा के दरबार में हाजिरी दे सकेंगे।