अमरनाथ यात्रा से जुड़े सुरक्षा अधिकारियों ने बताया कि अर्धसैनिक बलों की कंपनियां 20 जून तक जम्मू पहुंचना शुरू हो जाएंगी। इनमें सबसे ज्यादा कंपनियां सीआरपीएफ की होंगी। इसके अलावा आईटीबीपी, बीएसएफ, एसएसएफ, सीआईएसएफ की कंपनियां भी अतिरिक्त कंपनियों में शामिल होंगी।
आगामी श्री अमरनाथ यात्रा की सुरक्षा को लेकर सुरक्षाबलों की तैनाती जल्द होने वाली है। यात्रा की सुरक्षा में तैनात की जाने वाली अर्धसैनिक बलों की कंपनियां 20 जून तक जम्मू पहुंचना शुरू हो जाएंगी। इनमें सबसे ज्यादा कंपनियां सीआरपीएफ की होंगी।
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इसके अलावा आईटीबीपी, बीएसएफ, एसएसएफ, सीआईएसएफ की कंपनियां भी अतिरिक्त कंपनियों में शामिल होंगी। क्योंकि इस बार अमरनाथ यात्रा 62 दिनों की है और पिछले कुछ समय से आतंकी वारदातें भी बढ़ी हैं।
अमरनाथ यात्रा के दौरान आतंकी हमलों की आशंका को देखते हुए लखनपुर से लेकर पवित्र गुफा तक करीब 60 हजार सुरक्षाबलों की तैनाती की जाएगी। इनमें सबसे अधिक संख्या जम्मू-कश्मीर पुलिस और सीआरपीएफ की होगी।
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इसके अलावा अन्य अर्धसैनिक बलों की संख्या होगी। सीआरपीएफ के प्रवक्ता का कहना है कि एक हफ्ते तक सीआरपीएफ की अतिरिक्त कंपनियों के आने की उम्मीद है।
कड़ा पहरा रहेगा, चप्पे-चप्पे पर होगी नजर
सूत्रों के अनुसार इस बार अमरनाथ यात्रा में सुरक्षाबलों की चप्पे-चप्पे पर तैनाती होगी। कई जगहों पर स्नाइपर और शार्प शूटर तैनात होंगे। अमरनाथ यात्रा के काफिले को पहले की तुलना में इस बार तकनीकी तंत्र के साथ भेजा जाएगा। इसमें कई उपकरणों का इस्तेमाल होगा, जो काफिले को किसी भी प्रकार के हमले से बचाएगा।
सुरक्षाबल हाई अलर्ट पर, सुरक्षा बड़ी चुनौती
गत एक साल से जम्मू-कश्मीर में स्टिकी बम से हमले और ड्रोन से हथियार भेजने के मामले बढ़े हैं। पुंछ और राजोरी जिले में बड़ी आतंकी वारदातें हुई हैं। इस कारण इस बार सुरक्षा एक बड़ी चुनौती है। सीमा पार बैठे आतंकी संगठन अमरनाथ यात्रा में खलल डालने की साजिश रच रहे हैं।
इसलिए अभी से सीमा पार आतंकियों को घुसपैठ कराने के लिए एलओसी और बार्डर के नजदीक पाकिस्तान बंकरों में बिठा दिया गया है, ताकि मौका पाकर घुसपैठ कर हमलों को अंजाम दें।