मानसून के सक्रिय होने के साथ अमरनाथ यात्रा पर असर पड़ने लगा है। सोमवार को दूसरे दिन भी बालटाल ट्रैक से पैदल यात्रा स्थगित रही। हालांकि हेलीकॉप्टर से यात्री पवित्र गुफा तक पहुंचे। बालटाल ट्रैक पर मौसम लगातार खराब हो रहा है। पहलगाम ट्रैक से यात्रा सामान्य रूप से जारी रही। यात्रा के 29वें दिन बम-बम भोले के जयघोष के साथ 2055 श्रद्धालुओं ने बाबा बर्फानी के दर्शन किए। इसके साथ ही दर्शनार्थी यात्रियों का आंकड़ा 321410 तक पहुंच गया है।
आधार शिविर भगवती नगर जम्मू से 113 छोटे बड़े वाहनों में कड़ी सुरक्षा के साथ 2675 श्रद्धालुओं का जत्था घाटी के लिए रवाना हुआ। इसमें 2006 पुरुष, 492 महिलाएं, तीन बच्चे और 174 साधु शामिल रहे। पिछले कुछ दिनों में यात्रियों की संख्या में कमी आई है। हालांकि, देशभर से पहुंच रहे शिवभक्तों में जोश और उत्साह बरकरार है। अभी यात्रा के लिए काफी समय बचा है।
जम्मू-कश्मीर में जुलाई के शुरू में मानसून ने दस्तक दी थी, लेकिन इसकी सक्रियता अंतिम पखवाड़े में अधिक रही है। जुलाई के शुरू में मौसम के अनुकूल बने रहने से अमरनाथ यात्रा पर कोई प्रभाव नहीं दिखा। वहीं अब बारिश और फिसलन के कारण यात्रा ट्रैक प्रभावित हो रहा है। एहतियात के तौर पर यात्रियों को बालटाल ट्रैक से पैदल यात्रा की इजाजत नहीं दी जा रही है। दिल्ली से आए राजेश्वर वर्मा ने कहा कि वह पिछले कई वर्ष से बाबा बर्फानी के दर्शन के लिए आ रहे हैं और इस बार भी बाबा के दरबार में हाजिरी लगाकर लौटेंगे। बीते शुक्रवार को भी बालटाल ट्रैक से यात्रा स्थगित रही थी।
छड़ी मुबारक की तैयारियां तेज
अमरनाथ यात्रा के आखिरी पड़ाव की ओर बढ़ने के साथ अमरनाथ छड़ी मुबारक की तैयारियां तेज की गई हैं। महंत दीपेंद्र गिरि के नेतृत्व में साधु संतों के साथ छड़ी मुबारक एक अगस्त को ऐतिहासिक शंकराचार्य मंदिर में दर्शन करेगी। इसके अगले दिन दो अगस्त को डाउन टाउन श्रीनगर स्थित हरि पर्वत पर शारिका भवानी मंदिर, तीन अगस्त को श्री आर्मेश्वर मंदिर दशनामी अखाड़ा श्रीनगर में रुकने के साथ पांच अगस्त को दशनामी अखाड़ा में नाग पंचमी पर छड़ी पूजन किया जाएगा। यात्रा के आखिर में छड़ी मुबारक 10 और 11 अगस्त को पहलगाम, 12 अगस्त को चंदनबाड़ी, 13 अगस्त को शेषनाग, 14 अगस्त को पंजतरणी पड़ाव पर पहुंचेगी। साधु महात्माओं के साथ श्रीनगर के विभिन्न मंदिरों में रुकने के बाद छड़ी मुबारक श्रावण पूर्णिमा रक्षाबंधन (श्रावण पूर्णिमा) पर 15 अगस्त को पवित्र गुफा में हिमलिंग केदर्शन करेगी। आखिरी जत्थे के साथ जाने वाले श्रद्धालुओं को छड़ी मुबारक के साथ जाने का सौभाग्य प्राप्त होगा।