घाटी में तनावपूर्ण हालात के चलते बनिहाल के पास सोमवार की रात से रोकी गई अमरनाथ यात्रा दूसरे दिन मंगलवार को भी शाम तक नहीं छोड़ी जा सकी।
बनिहाल से जवाहर टनल तक अमरनाथ यात्रियों और अन्य यात्रियों के 300 वाहन फंसे हुए हैं। बाबा के भक्तों ने यहां रात वाहनों में ही बिताई। यात्रा के लिए छोड़े जाने की मांग को लेकर यात्रियों ने प्रदर्शन किया। उम्मीद है कि घाटी के हालात को देखते हुए रात में यात्रा छोड़ी जाएगी। इस बीच दोपहर बाद जम्मू आधार शिविर से पहलगाम और बालटाल रूट के लिए 2640 यात्रियों के जत्थे को रवाना किया गया।
सोमवार को काजीगुंड में फायरिंग में दो लोगों के मारे जाने के बाद जम्मू आधार शिविर से सोमवार को भेजा गया जत्था शैतानी नाले के पास रोक दिया गया था। यात्रियों के 50 वाहन शैतानी नाले के पास ही रुके हुए थे, जबकि एक वाहन से 51 यात्री बनिहाल लौट आए।
कुल 1745 अमरनाथ यात्री यहां फंसे हुए थे। पूरी रात यात्रियों ने अपने वाहन में ही गुजारे। सभी को लंगरों से भोजन की व्यवस्था कराई गई। हालांकि, ठहरने का प्रबंध नहीं होने की वजह से उन्हें भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा।