जम्मू। देश सहित जम्मू-कश्मीर में किशोरों के टीकाकरण के बाद पांच से बारह साल के बच्चों के टीकाकरण की तैयारी में स्वास्थ्य और स्कूल शिक्षा विभाग जुटा है। जहां सरकार, प्रशासन और विभाग विभिन्न साधनों से अभिभावकों को कोविड टीकाकरण के लिए जागरू कर रहा है वहीं धर्म गुरुओं ने भी अभिभावकों को जागरूक करने का बीड़ा उठा लिया है। उन्हें विभिन्न मंचों के माध्यम से बच्चों का जरूरी टीकाकरण करने का पाठ पढ़ाया जा रहा है। अब यही आवाज उठने लगी है कि अभिभावक अपने लाडलों को टीका लगवा कर सुरक्षित करें।
प्रदेश में पांच से बारह साल आयु वर्ग के 12 लाख बच्चों को टीके की खुराक देने का लक्ष्य रखा गया है। बच्चों के टीकाकरण के प्रति जागरूक करने में लगभग हर वर्ग आगे रहा है। जम्मू-कश्मीर में बुधवार को 12 से 14 आयु वर्ग में 6387 किशोरों का कोविड टीकाकरण किया गया। इसमें 740 को पहली खुराक और 5647 को दूसरे खुराक दी गई। इसके साथ 1147 लोगों को एहतियाती खुराक दी गई।
जो अभिभावक या बच्चे पहुंचते आते हैं वे उनका कोविड टीकाकरण के लिए भी मार्गदर्शन करते हैं। टीकाकरण से ही जम्मू कश्मीर में कोविड संक्रमण पर नियंत्रण हो सका है। बच्चों को भी टीकाकरण से समाज को मजबूत बनाया जाएगा। इसके लिए अभिभावकों की भूमिका अहम है, जो अपने लाडलों को टीके की खुराक देने के लिए स्कूलों या चिकित्सा केंद्रों तक लाएं।
- महंत रामेश्वर दास, अध्यक्ष, जम्मू-कश्मीर वैष्णो साधु समाज
जागरूक करने का जारी रहेगा प्रयास
समाज के हर वर्ग के लोगों को कोविड टीकाकरण के प्रति जागरूकता में योगदान देना चाहिए। आध्यात्मिक स्तर पर कोविड की तीनों लहरों में लोगों का बेहतर मार्गदर्शन करने का प्रयास किया गया है। धार्मिक स्थलों से लोगों को कोविड उपयुक्त व्यवहार का पालन करने के लिए प्रेरित किया जाता रहा है। भविष्य में भी अभिभावकों को बच्चों के टीकाकरण के लिए जागरूक करना जारी रखेंगे।
- ऋषिवन, महंत, श्री रणवीरेश्वर मंदिर
कोविड प्रोटोकाल का गंभीरता से करें पालन
कोविड महामारी के खिलाफ एकजुट होकर ही लड़ाई लड़ी गई है। सरकार का बच्चों को टीकाकरण का फैसला सराहनीय है। इससे बच्चे संक्रमित बीमारियों से लड़ने को सक्षम होंगे। देश की राजधानी सहित अन्य कई राज्यों में कोरोना संक्रमण दोबारा बढ़ रहा है। ऐसे में हम भी सचेत रहकर कोविड प्रोटोकाल का गंभीरता से पालन करना चाहिए।
- कर्णनाथ, महंत, प्राचीन पीरखो मंदिर