केंद्रीय विश्वविद्यालय में पूर्व छात्रों ने यादें ताज कीं। पुराने सहपाठियों से मिलकर छात्र जीवन के सुनहरे दिनों को याद कर उनकी आंखें भर आईं। एक दूसरे के गले लगकर हालचाल जाना। मौका था विश्वविद्यालय के ब्रिगेडियर राजेंद्र सिंह सभागार में आयोजित किए पूर्व छात्र सम्मेलन का।
इसमें 250 से अधिक पुर्व छात्रों ने भाग लिया। इस दौरान रंगारंग कार्यक्रम भी हुए, जिनमें सांस्कृतिक गीतों पर छात्रों ने प्रस्तुतियां देकर दर्शकों का मन मोह लिया और वाहवाही लूटी। अलग-अलग क्षेत्रों में सफलता का मुकाम पाने वाले कई छात्रों को सम्मानित भी किया गया।
पूर्व छात्रों ने कहा कि इतने साल बाद विश्वविद्यालय आकर उन्हें अपने छात्र जीवन के सुनहरे दिन याद आ गए। कार्यक्रम की शुरूआत में डीन स्टूडेंट वेलफेयर प्रोफेसर रसाल सिंह ने पूर्व छात्रों का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि आज का दिन ‘यादों की बरात’ का उत्सव है।
विश्वविद्यालय ने अपने पूर्व छात्रों को बुलाया है। ताकि, वे विश्वविद्यालय से जुड़े रहे सकें। मुख्य अतिथि सामाजिक कार्यकर्ता प्रफुल्ल अकांत ने कहा कि विश्वविद्यालय के सभी छात्रों को चाहिए कि वह जिस भी क्षेत्र में जाएं तो समाज हित में कार्य जरूर करें। लोगों की समस्याओं का समाधान करें।
कैप्टन बाना सिंह ने कहा कि युवा देश का भविष्य है। देश को युवाओं से कई उम्मीदें हैं। छात्रों को देश की उम्मीदों पर खरा उतरना होगा। सेना, शिक्षा, विज्ञान आदि क्षेत्रों में युवा राष्ट्र हित को ध्यान में रखकर काम करें। युवाओं को देश पर गर्व होना चाहिए।
विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर संजीव जैन ने कहा कि 28 अगस्त का दिन केंद्रीय विश्वविद्यालय और उसके छात्रों के लिए ऐतिहासिक है। इसी को ध्यान में रखते हुए सम्मेलन को संगम नाम दिया है। उन्होंने कहा कि जो भी छात्र विश्वविद्यालय से पढ़कर निकले हैं।
वह विभिन्न क्षेत्रों में काम कर रहे हैं। वर्तमान में विश्वविद्यालय के छात्रों को आगे बढ़ाने के लिए पूर्व छात्रों के समर्थन की जरूरत है। पोर्टल के माध्यम से भी पूर्व छात्रों का पंजीकरण कराने की व्यवस्था शुरू की जा रही है, ताकि संबंधित विभागों के पूर्व छात्र विभागों में आकर छात्रों से अपना अनुभव साझा कर उन्हें आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करें।
डोगरी गीतों की रही धूम
जम्मू की स्थानीय कलाकार और केंद्रीय विवि की पूर्व छात्रा जूही सिंह और उनकी टीम ने पला सिपाहिया डोगरिया, रोसलियां-रोसलियां धारा, तेरा बड़ा मंदा लगदा....आदि डोगरी गीतों से वाहवाही लूटी। वहीं राजस्थानी और पंजाबी सांस्कृतिक गीतों पर भी छात्राओं ने प्रस्तुतियां देकर समा बांधा।