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श्रीनगर में हुई एक अहम बैठक, अब आतंकियों के सफाए के साथ ही उनके मददगारों की बारी

Sun, 31 May 2020 12:49 PM IST
प्रशांत कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू
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भारतीय सेना - फोटो : अमर उजाला
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घाटी में विभिन्न तंजीमों के आतंकियों का सफाया करने के साथ ही उन्हें आर्थिक मदद पहुंचाने की सप्लाई लाइन को भी काटा जाएगा। इसके लिए उनके मददगारों को चिह्नित कर उन पर शिकंजा कसा जाएगा। धरपकड़ कर आतंकी तंजीमों को मिलने वाली आर्थिक मदद को रोका जाएगा। यह रणनीति श्रीनगर में सेना, पुलिस और नागरिक प्रशासन की कोर ग्रुप की बैठक में तैयार की गई।

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बैठक में घाटी में सुरक्षा हालात व सुरक्षा चुनौतियों से निपटने के लिए की गई तैयारियों की समीक्षा की गई। कहा गया कि खुफिया इनपुट में बताया गया है कि पाकिस्तान ने घुसपैठ की कोशिशें तेज कर दी हैं। एलओसी पर सीजफायर उल्लंघन की घटनाओं में भी तेजी आई है। घाटी में आतंकी घटनाओं में तेजी लाने की कोशिशें की जा रही हैं।

पाकिस्तान की ओर से सोशल मीडिया पर दुष्प्रचार अभियान से घाटी के हालात बिगाड़ने की कोशिश जारी है। खुफिया इनपुट यह भी है कि पाकिस्तान और देशविरोधी ताकतें जम्मू-कश्मीर में हिंसा को बढ़ावा देने की भी लगातार कोशिशें कर रही हैं। हाल में आतंकी तंजीमों के दहशतगर्दों के सफाए और आईईडी विस्फोट की साजिश को नाकाम कर ऐसी ताकतों के मंसूबों को नाकाम बनाया गया है। कश्मीर की अवाम के सहयोग से सुरक्षाबलों को यह सफलता मिल पाई है।

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घुसपैठ और आतंकवाद निरोधक ग्रिड को मजबूत करने की बनी रणनीति

कोर ग्रुप ने एलओसी पर घुसपैठ रोकने के लिए काउंटर इंफिल्ट्रेशन ग्रिड और घाटी में आतंकवाद निरोधक ग्रिड को मजबूत करने की रणनीति बनाई गई। तय किया गया कि खुफिया सूचनाओं पर आधारित आतंकवाद निरोधक अभियानों को जारी रखा जाएगा।

बैठक में सभी विभागों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करते हुए आतंकवाद निरोधक अभियानों को चलाने और घाटी में शांति कायम रखने पर बल दिया गया। कोर ग्रुप ने हालिया ऑपरेशन पर संतोष जताते हुए कहा कि घाटी में शांति व्यवस्था कायम रखने के लिए सभी का सहयोग जरूरी है। बैठक में चिनार कोर कमांडर लेफ्टिनेंट जनरल बीएस राजू, डीजीपी दिलबाग सिंह के अलावा प्रशासन, खुफिया विभाग के अधिकारी मौजूद थे।

ड्रग्स की तस्करी रोकने पर जोर
बैठक में डिवकाम पीके पोल ने भांग की खेती और ड्रग्स की तस्करी रोकने के लिए प्रभावी कदम उठाने की आवश्यकता पर बल दिया। कहा कि इस ओर भी फोकस किए जाने की जरूरत है। इसकी खेती व तस्करी से प्राप्त होने वाली धनराशि का इस्तेमाल आतंकवादी गतिविधियों में किया जा रहा है।
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