जम्मू। नगरोटा के पास पशुओं को ले जाने को लेकर बवाल हो गया। कुछ हिंदू संगठन मौके पर पहुंच गए और गुज्जर समुदाय पर तस्करी का आरोप लगाया। मामला गर्म होते देख पुलिस और प्रशासन के अधिकारी मौके पर पहुंचे और 100 परिवारों को 800 पशुओं के साथ रोक लिया। इसके बाद फैसला लिया गया कि शुक्रवार को एक शिविर लगाया जाएगा। इसमें देखा जाएगा कि जो भी तय मानकों को पूरा करते हैं, उन्हें अनुमति देकर आगे भेजा जाएगा। वहीं, समुदाय के लोगों का कहना था कि वह हर छह महीने बाद माटो के तहत अपना डेरा बदलते हैं।
जानकारी के अनुसार करीब 100 परिवार बुधवार को 700 से 800 पशुओं को लेकर जा रहे थे। गो रक्षकों के अनुसार ये लोग पशु तस्कर हैं इसलिए पुलिस बल और तहसीलदार ने मौके पर पहुंचकर इनको रोका। गुज्जर समुदाय के लोगों के अनुसार वो सर्दी में अपने घरों से निकल कर जम्मू आ जाते हैं और गर्मी में वापस अपने इलाके में चले जाते हैं। यह 100 परिवार जम्मू के कानाचक, तालाब तिल्लो, मढ़, बिश्नाह, आरएस पुरा से आए हैं और उधमपुर, रामबन, सनासर, भद्रवाह, बनिहाल अपने घरों को लौट रहे हैं। वहीं मौके पर पहुंचे तहसीलदार बाबू सिंह ने कहा कि कुछ लोगों के पास यहां से वापस अपने घर जाने की अनुमति थी और कुछ के पास नहीं। इसलिए हमने उनको आगे बढ़ने की अनुमति नहीं दी है। शुक्रवार इनके लिए कैंप लगाया जाएगा तब ही अनुमति मिलने के बाद यह आगे जा सकते हैं। सेव एनिमल संगठन की अध्यक्ष रंपी मदान का कहना है कि कुछ मानक तय होते हैं, जिसके तहत ही पशुओं को ले जाया जाता है।
कोट
कैंप लगाएंगे, जो औपचारिकता पूरी करेगा वो जाएगा
अनुमति देने के लिए एक कैंप लगाएंगे। इसमें पशुपालन विभाग, राजस्व विभाग और पुलिस के अधिकारियों को शामिल किया जाएगा। यदि ये लोग तय मानकों के तहत पशुओं को ले जाने की स्थिति में होंगे तो इनको आगे जाने की अनुमति दी जाएगी।
-अवनी लवासा, जिला उपायुक्त जम्मू
हमने पुलिस को सूचित किया
यह एक बड़ा पशु तस्करी का प्रयास था। भगवती नगर से बुधवार रात 12 बजे बड़े स्तर पर पशुओं को लेकर तस्करी हुई। उसी वक्त पुलिस और प्रशासन के आला अधिकारियों को सूचित कर दिया गया था। इसके बावजूद तस्कर पशुओं को लेकर नगरोटा तक पहुंच गए। वह अपने कार्यकर्ताओं को लेकर नगरोटा पहुंचे और तस्करों को रोका। साथ ही तहसीलदार और एसडीपीओ को सूचित किया गया। इसके बाद उक्त अधिकारी मौके पर पहुंचे। यदि कैंप लगता है तो इसमें पता चल सकेगा कि यह लोग अवैध रूप से जा रहे थे या फिर वैध तरीके से।
-कुशल शर्मा, प्रधान, गौरक्षक संगठन