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गुपकार गठबंधन समेत जम्मू- कश्मीर की सभी पार्टियां लड़ेंगी जिला परिषद चुनाव

Sat, 07 Nov 2020 08:54 PM IST
Mohit Mudgal अमर उजाला नेटवर्क, जम्मू
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Gupkar alliance - फोटो : ANI
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अनुच्छेद 370 और 35ए हटने और केंद्र शासित प्रदेश बनने के बाद जम्मू-कश्मीर में हो रहे पहले चुनाव में राज्य के सभी दलों ने शामिल होने का फैसला लिया है। खास यह है कि अनुच्छेद 370 की बहाली के लिए बने गुपकार गठबंधन में शामिल नेशनल कांफ्रेंस, पीडीपी एवं पीपुल्स कांफ्रेंस पहली बार मिलकर चुनाव लड़ेंगे।

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बुधवार को जम्मू में हुई मैराथन बैठक के बाद गुपकार गठबंधन ने प्रदेश में पहली बार हो रहे जिला विकास परिषद (डीडीसी) चुनाव एक साथ  लड़ने का एलान कर दिया। गुपकार गठबंधन के अध्यक्ष पूर्व मुख्यमंत्री डा. फारूक अब्दुल्ला संयुक्त प्रत्याशियों के नामों की घोषणा करेंगे। उधर, कांग्रेस ने भी स्थिति स्पष्ट करते हुए कहा कि वह डीडीसी चुनाव में उतरेगी। चुनाव के लिए भाजपा के केंद्रीय नेताओं ने भी जम्मू-कश्मीर का रुख करना शुरू कर दिया है। ऐसे में पार्टी चिह्न पर हो रहे डीडीसी चुनाव के दिलचस्प होने के आसार हैं।

जम्मू-कश्मीर में जिला विकास परिषद के चुनाव और पंचायत एवं स्थानीय निकाय उप चुनाव में कश्मीर आधारित राजनीतिक दलों के शामिल होने को लेकर अनिश्चितता खत्म हो गई है। अनुच्छेद 370 हटाने के  खिलाफ लंबी लड़ाई के संकल्प के बीच पीपुल्स एलायंस फार गुपकार डिक्लरेशन (पीएजीडी) ने बड़ा फैसला लेते हुए डीडीसी चुनाव में भागीदारी का एलान किया है। गौरतलब है कि प्रदेश में डीडीसी की 280 सीटों और पंचायत व स्थानीय निकाय उपचुनाव 1 से 24 दिसंबर के बीच आठ चरणों में होंगे। 
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जम्मू में पूर्व मुख्यमंत्री एवं नेशनल कांफ्रेंस के प्रमुख नेता फारूक अब्दुल्ला के आवास पर शनिवार को गुपकार गठबंधन की लंबी बैठक हुई। इस बैठक में फारूक अब्दुल्ला के अलावा पूर्व सीएम महबूबा मुफ्ती, उमर अब्दुल्ला समेत नेकां-पीडीपी व पीपल्स कांफ्रेंस के प्रमुख नेता शामिल हुए। गठबंधन के प्रवक्ता एवं पीपुल्स कांफ्रें स के प्रमुख सज्जाद लोन ने बताया कि बैठक में डीडीसी चुनावों पर चर्चा की गई। यह तय किया गया कि गठबंधन में शामिल सभी दल एकजुट होकर यह चुनाव लड़ेंगे।

गठबंधन के प्रमुख डा. फारूक अब्दुल्ला प्रत्याशियों के नामों की घोषणा करेंगे। इसके लिए सारी औपचारिकताएं पूरी कर लीं जाएंगी। उन्होंने कहा कि सरकार ने अचानक चुनाव की घोषणा की और पूरी प्रक्रिया को एक महीने में पूरा करने का समय तय कर दिया। इसके बाद भी चुनाव में हिस्सेदारी होगी। इस फैसले को पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला, पीएजीडी उप प्रमुख महबूबा मुफ्ती तथा सीपीआई (एम) नेता एमवाई तारिगामी ने भी बैठक में समर्थन दिया है।

उधर, कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष गुलाम अहमद मीर ने कहा कि भाजपा के असांविधानिक कार्यों एवं जन विरोधी नीतियों को पार्टी जिला विकास परिषद समेत अन्य सभी चुनाव में हिस्सा लेकर करारा जवाब देगी। उन्होंने कहा कांग्रेस अच्छे उम्मीदवार जिला विकास परिषद के चुनाव में उतारेगी। उन्होंने गुपकार गठबंधन पर कहा कि कश्मीर की मुख्यधारा की पार्टियां जम्मू-कश्मीर के विशेष विशेष दर्जे की बहाली कर मांग कर रही हैं। ये पार्टियां देश और लोगों के खिलाफ नहीं हैं। केवल भाजपा की गलत नीतियों का विरोध कर रही हैं।

2018 में पंचायत चुनाव का नेकां व पीडीपी ने किया था बहिष्कार
2018 में हुए पंचायत चुनाव का नेकां व पीडीपी ने बहिष्कार किया था। इसके बाद भी लोगों ने जम्हूरियत में विश्वास जताया था। कश्मीर संभाग में 44.4 फीसदी मत पड़े थे, जबकि जम्मू संभाग में 83.5 प्रतिशत।

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