जश्न के माहौल में मनाई जाने वाली ईद घाटी में इस बार फीकी रहने के आसार हैं। बाजारों से रौनक गायब है। कहीं ईद की खरीददारी का सामान बिकने आया है तो नफे के बजाय घाटे का सौदा साबित हो रहा है।
सामान के दाम वही हैं मगर खरीददार नहीं मिल रहे। दो महीने से जारी हिंसा ईद की खुशियों पर ग्रहण साबित हो रही है।
दरअसल घाटी में आठ जुलाई के बाद से उपजे माहौल में लगातार हिंसा का दौर चल रहा है। 70 से अधिक लोगों की जान जा चुकी है और 10 हजार से अधिक घायल हो चुके हैं। ऐसे माहौल में कहीं सरकारी पाबंदियां तो कहीं आतंकी तंजीमों और अलगाववादियों के फरमान घाटी के जनजीवन पर असर डाल रहे हैं।