जम्मू संभाग में जम्मू और सांबा दो ऐसे जिले हैं, जिनमें सरकारी स्कूलों में निजी स्कूल के मुकाबले विद्यार्थियों की संख्या बहुत कम है। अन्य सभी जिलों में सरकारी स्कूलों में विद्यार्थियों की संख्या निजी स्कूलों के मुकाबले में ज्यादा है। सबसे ज्यादा हैरानी तो जम्मू जिले के आंकड़ों को देखकर होती है, जहां निजी स्कूलों में सरकारी स्कूल के मुकाबले में एक लाख 34 हजार विद्यार्थी ज्यादा शिक्षा हासिल कर रहे हैं।
सरकारी स्कूलों में विद्यार्थियों की संख्या बढ़ाने के लिए सरकार की तरफ से हर वर्ष करोड़ों की राशि जारी की जाती है। इसके बावजूद इसमें कामयाबी मिलती नजर नहीं आ रही है। इसका पता जम्मू और सांबा जिले के सरकारी स्कूलों के आंकड़े देखकर लग जाता है। जम्मू जिले में सरकारी स्कूलों की संख्या 1602 है, जबकि इनमें शिक्षा हासिल करने वाले विद्यार्थियों की संख्या 97414 है।
जम्मू में निजी स्कूलों की संख्या 932 है, जो कि सरकारी स्कूल के मुकाबले में 670 कम है, लेकिन निजी स्कूलों में विद्यार्थियों की संख्या 231769 है। सरकारी स्कूलों के मुकाबले में 134355 विद्यार्थी ज्यादा है। इन आंकड़ों से साफ पता चलता है कि जम्मू जिले में लोगों का विश्वास सरकारी स्कूलों से कम होता जा रहा है। सांबा में भी स्थिति कुछ ऐसी ही है।
सांबा में सरकारी स्कूलों में विद्यार्थियों की संख्या 23493 है, जबकि निजी स्कूलों में यह संख्या 37050 है। इन दो जिलों को छोड़कर डोडा, किश्तवाड़, राजोरी, उधमपुर, रियासी, रामबन और अन्य जिलों में स्थित सरकारी स्कूलों में विद्यार्थियों की संख्या निजी स्कूलों के मुकाबले में ज्यादा है। जम्मू और सांबा में हर वर्ष विद्यार्थियों की संख्या बढ़ाने के लिए चलाए जा रहे जागरूकता अभियान को नतीजा निकलता नजर नहीं आ रहा है।