श्रीनगर में किसी बड़े आतंकी हमले की आशंका जताई जा रही है। सुरक्षा एजेंसियों का कहना है कि उन्हें समय-समय पर जो इनपुट्स मिलते हैं, उसे ध्यान में रखते हुए सुरक्षा व्यवस्था को अंजाम दिया जाता है।
जहां एक ओर घाटी में पिछले पांच माह से अशांति के चलते आतंकवाद के खिलाफ सुरक्षा एजंसियों की गतिविधियों में कमी देखने को मिल रही थी, वहीं अब हालात सुधरते ही सुरक्षा एजेंसियों ने आतंकियों पर शिकंजा कसना शुरू कर दिया है, जिसके चलते सुरक्षाबलों और आतंकियों के बीच मुठभेड़ों में बढ़ोतरी हुई है, विशेष तौर पर दक्षिणी और उत्तरी कश्मीर के हिस्सों में।
खुफिया एजेंसियों के के अनुसार मध्य कश्मीर की शांति किसी बड़ी आतंकी वारदात का प्रतीक बन सकती है, क्योंकि पिछले एक माह में मुठभेड़ों पर नजर डालें तो इस दौरान नौ आतंकी ढेर किए हैं, जिनमें पांच लश्कर के पाकिस्तानी आतंकी शामिल हैं। इनमे एक लश्कर का डिवीजनल कमांडर शामिल है।
मौजूदगी दिखाने के लिए आतंकी कर सकते हैं हमला
आतंकी कर सकते हैं हमला
- फोटो : डेमो फोटो
आशंका जताई जा रही है कि आतंकी अपनी मौजूदगी दिखाने के लिए किसी बड़ी वारदात को अंजाम देसकते हैं और इस बार निशाना श्रीनगर शहर हो सकता है। कुछ दिन पहले उड़ी अफवाह कि श्रीनगर के पुराने शहर में 10 से 12 हथियारों से लेस आतंकियों को देखा गया को भी नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।
सीआरपीएफ के आईजी अतुल करवाल ने बताया कि समय-समय पर इनपुट्स तो मिलते रहते हैं जिन्हें बाकी सुरक्षा एजेंसियों के साथ साझा कर पुख्ता किया जाता है। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि आतंकी चाहे जो भी करें, सुरक्षा एजेंसियां उनका मुंहतोड़ जवाब देने के लिए तैयार हैं।
एक महीने के अंदर कई आतंकी हुए ढेर
मोर्चा संभाले जवान
- फोटो : File Photo
एक माह में मारे गए आतंकी
19 नवंबर को पुलवामा के काकपुरा में एक स्थानीय आतंकी ढेर।
22 नवंबर को बांदीपुरा के हाजिन में लश्कर के 2 आतंकी ढेर।
25 नवंबर को बांदीपुरा के नाइद खाई में लश्कर के 2 आतंकी ढेर।
9 दिसंबर को अनंतनाग के आरवनी में 2 आतंकी ढेर।
4 दिसंबर को सोपोर के बोमई में लश्कर का डिवीजनल कमांडर अबू बकर ढेर।
14 दिसंबर को अनंतनाग के बेवूरा में हिज्ब का एक स्थानीय आतंकी ढेर।