श्री अमरनाथ यात्रा को लेकर लखनपुर से श्रीनगर तक के हाईवे के दायरे में आने वाले तमाम थानों को अलर्ट पर रखा गया है। साथ ही इन थानों के थानेदारों और तमाम स्टाफ को यात्रा के खत्म होने तक छुट्टी नहीं जाने के लिए कहा गया है। अगले दो महीने तक कोई भी थाना छोड़ कर कहीं नहीं जाएगा। सीमांत जिलों के थानों को भी इस निर्णय में रखा गया है। इसी वर्ष हाईवे पर एक के बाद एक तीन आतंकी हमले हो चुके हैं, इसमें सेना और पुलिस दोनों को निशाना बनाया गया।
ऐसा पहली बार किया जा रहा है कि अमरनाथ यात्रा को लेकर हाईवे के दायरे में आने वाले थानों को अलर्ट पर रखा गया हो और यहां कार्यरत पुलिस अमले की छुट्टियां बंद की गई हों।दरअसल, खुफिया एजेंसियों के पास भी इनपुट पहुंचे हैं कि अमरनाथ यात्रा के दौरान आतंकी हाईवे पर जत्थों को निशाना बना सकते हैं। तड़के पहुंचने वाले श्रद्धालुओं के वाहनों को आतंकियों के टारगेट करने के इनपुट एजेंसियों के पास पहुंच रहे हैं। ऐसे में हाईवे पर गुजरने वाले जत्थों की सुरक्षा को पुख्ता करना एक बड़ी चुनौती है।
ऐसे में पुलिस कोई रिस्क नहीं लेना चाहती। मिली जानकारी के अनुसार सांबा, कठुआ, जम्मू, उधमपुर, रामबन, अनंतनाग और श्रीनगर जिलों के हाईवे के पास पड़ते थानों में अलर्ट किया गया है। यहां पर कार्यरत एसएचओ से लेकर एसपीओ तक की दो महीने के लिए छुट्टी बंद कर दी गई है। सबको कहा गया है कि अपने क्षेत्र को छोड़ कर कहीं कोई नहीं जाएगा। यहां तक कि इन क्षेत्रों के अधिकारियों को भी कहा गया है कि वह यात्रा के दौरान अपने क्षेत्र में ही रहें।
डीआईजी अशकूर वानी ने कहा कि श्री अमरनाथ यात्रा को लेकर वैसे तो पुलिस ने सुरक्षा इंतजाम कड़े किए हैं, लेकिन हाईवे के नजदीक थानों को अलर्ट पर रखा है और कर्मियों की छुट्टियां बंद कर दी हैं, ताकि किसी प्रकार की सुरक्षा में कोताही न बरती जाए। सभी थानों को गश्त बढ़ाने के निर्देश भी दिए गए हैं।