पारा गिरने के साथ स्वाइन फ्लू को लेकर सतर्कता बढ़ाई गई है। स्वाइन फ्लू के एच1एन1 वायरस के पीड़ितों को उचित इलाज देने के लिए उपयुक्त चिकित्सा स्टाफ को तैयार किया जा रहा है।
इस कड़ी में जीएमसी में संबंधित स्टाफ को दी जाने वाली वैक्सीन को मंगवा लिया गया है। जीएमसी में स्थायी आइसोलेशन यूनिट का निर्माण न होने तक पाजिटिव और संदिग्ध मरीजों को चोपड़ा नर्सिंग होम को आइसोलेट यूनिट में इलाज दिया जाएगा।
अस्पताल के अधीक्षक डा. रविंद्र रतनपाल के अनुसार स्वाइन फ्लू को लेकर सभी तैयारियां की जा रही हैं। स्टाफ को वैक्सीन लगवाने के निर्देश दिए गए हैं। लैब का निर्माण न होने से खून और थूक के सैंपल के टेस्ट के लिए पीड़ितों को दिल्ली की सरकारी लैब पर निर्भर रहना पड़ेगा।
रियासत में वर्ष 2014 में रिकार्ड स्वाइन फ्लू के पाजिटिव मामले सामने आए थे। खासकर घाटी में कई लोगों को अपनी जान गंवानी पड़ी थी। जम्मू में भी इस वायरस की चपेट में दर्जनों लोग आए और कईयों की मौत हुई। इस साल तापमान गिरने पर स्वाइन फ्लू से निपटने के लिए सभी इंतजाम किए जा रहे हैं।
जीएमसी में वैक्सीन के अलावा पीड़ितों को दी जाने वाली टैमीफ्लू टेबलेट को भी मंगवा लिया गया है। संदिग्ध मरीज को सीधे आइसोलेट यूनिट में भेजकर चिकित्सा दी जाएगी।
राज्य में वर्ष 2009 में स्वाइन फ्लू के एच1एन1 वायरस ने दस्तक दी थी। जम्मू के बिश्नाह क्षेत्र के खैरी सरोर गांव के एक निवासी की दिसंबर 2009 को स्वाइन फ्लू से मौत हो गई थी। इससे पूर्व सोरा, श्रीनगर में भी एक महिला मौत की इस वायरस से जान चली गई थी।
उस समय जम्मू संभाग में 60 से ज्यादा लोग स्वाइन प्लू से पाजिटिव पाए गए थे। इसके बाद कुछ साल शांत रहने के बाद वर्ष 2014 में स्वाइन फ्लू ने दोबारा हमला किया।
मामूली सा नियमित बुखार, कफ, गले में खराश को नजर अंदाज न करें। यह स्वाइन इनफ्लूएंजा फ्लू के लक्षण हो सकते हैं। स्वाइन फ्लू का एच1एन1 नामक वायरस मानव शरीर के कई अंगों पर हमला करके उसकी जान ले लेता है।
स्वाइन फ्लू का वायरस हवा में प्रभावित तत्वों द्वारा मानव से मानव में हस्तांतरित होकर बड़ी तबाही मचाता है। यह इंसानों में महामारी का कारण भी बन सकता है।
•अचानक सेहत का छोटे रोगों से बिगड़ना।
•बुखार, कफ, गले में खराश, उल्टी, सांस लेने में कठिनाई होगी।
•सादे पानी को पीएं तथा पोषणयुक्त खाद्यान का सेवन करें।
•लक्षणों से प्रभावित व्यक्ति अन्य लोगों से थोड़ी दूरी बनाएं।