गोलियों की तड़तड़ाहट से सहमी रहने वाली भारत-पाकिस्तान अंतरराष्ट्रीय सीमा की फिजा गीत-संगीत की स्वरलहरियों से गूंजेगी। शास्त्रीय संगीत से लेकर सूफी और लोक संगीत की जुगलबंदी से सामापा यानी सोपोरी अकेडमी आफ म्यूजिक एंड परफार्मिंग आर्ट्स का दसवां वार्षिक आलाप फेस्टिवल सोलह फरवरी से शुरू होने जा रहा है।
दिलचस्प है 26 फरवरी तक प्रस्तावित फेस्टिवल के आयोजन स्थल भारत-पाकिस्तान अंतरराष्ट्रीय सीमा से भी चुने गए हैं। जम्मू सहित आसपास के कुल बीस स्थानों का चयन किया गया है जिसमें सांबा, अखनूर, राजोरी, पुंछ और आरएस पुरा भी शामिल किए गए हैं।
फेस्टिवल की जानकारी देते हुए अभय रुस्तम सोपोरी ने बताया कि इस साल जम्मू कश्मीर के 50 हजार लोगों तक सामापा का मंच पहुंचने जा रहा है। राष्ट्रीय स्तर के फनकार फेस्टिवल में हिस्सा लेंगे।