एहतियातन लाइटें बंद कर दीं
पूर्व सरपंच जगदीश शर्मा कहते हैं कि मंगलवार देर रात भारतीय सेना की ओर से सीमा पार संभावित टारगेट पर कार्रवाई के संकेत मिलते ही अखनूर उपजिला अस्पताल के स्टाफ को अलर्ट किया गया। स्थानीय लोगों ने एहतियातन घरों की लाइटें बंद कर दीं और गलियों की स्ट्रीट लाइटें भी बुझा दीं।
आसमान में लड़ाकू विमानों के गरजते ही लोगों के मन में बेचैनी बढ़ गई। मन में यही बात उठ रही थी कि क्या जंग की शुरुआत हो गई है। अगर जंग लंबी छिड़ी तो सुरक्षा के क्या इंतजाम होंगे। आसमान में विमानों की गूंज और सीमा पार उठतीं फटते मिसाइलों की लाली से पूरा इलाका बेचैन रहा। फिलहाल सेना और प्रशासन की ओर से स्थिति पर करीबी नजर रखी जा रही है। सुरक्षा एजेंसियां हाई अलर्ट पर हैं और स्थानीय लोगों से संयम बनाए रखने की अपील की गई है।
बाजार खुले, लेकिन माहौल सन्नाटे भरा, पब्लिक ट्रांसपोर्ट भी बंद
हालांकि, क्षेत्र के बाजार खुले रहे, पर आम दिनों की तरह चहल-पहल नहीं थी। दुकानों में सन्नाटा छाया रहा। बसें और मिनी बसें सड़कों से नदारद रहीं। अधिकतर लोग बेहद जरूरी काम होने पर ही घरों से बाहर निकले। कैप्टन तुलसी कहते हैं कि जान तो हर किसी को प्यारी होती होती है। हम सबको युद्ध के दिनों की याद है, इसलिए बच्चों को सुरक्षित स्थानों पर ले जाना सभी की प्राथमिकता है।
ये तैयारियां बता रही हैं कि हाई अलर्ट पर है इलाकाप्रशासनिक हलचल तेज, दिनभर बैठकें, स्थानांतरण की तैयारी
स्थानीय प्रशासन ने हालात को देखते हुए दिनभर उच्चस्तरीय बैठकें की। बॉर्डर से सटे गांवों के लोगों को सुरक्षित स्थानों पर स्थानांतरित करने के लिए व्यवस्थाएं की जा रही हैं। हालांकि, फिलहाल स्थिति नियंत्रण में बताई जा रही है, लेकिन सीमाई इलाकों में सुरक्षा एजेंसियों की निगरानी बढ़ा दी गई है। प्रशासन ने लोगों से संयम बनाए रखने और अफवाहों से बचने की अपील की गई है।
स्कूल-कॉलेज बंद, शिक्षकों को अलर्ट रहने के निर्देश
बुधवार को क्षेत्र के स्कूल-कॉलेज भी बंद रहे। जोनल शिक्षा अधिकारी ने सभी सरकारी स्कूलों को निर्देश दिया कि आवश्यकता पड़ने पर समयानुसार खोला जाए। साथ ही सभी शिक्षकों को 24 घंटे मोबाइल फोन ऑन रखने और आपातस्थिति में तत्काल उपलब्ध रहने का आदेश जारी किया है।
लोगों ने खुद की तैयारियां, बंकरों की सफाई और फसलें काटींगड़खाल और आसपास के गांवों में लोगों ने पहले ही अपने निजी और सामूहिक बंकरों की सफाई कर ली है। स्थिति बिगड़ने की आशंका को देखते हुए कई किसानों ने फसलें समय से पहले काट ली हैं।
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