-दूसरों को स्वच्छता का संदेश, खुद अमल नहीं, कबाड़ से दफ्तर परिसर बना बदसूरत, सफाई का अभाव
संवाद न्यूज एजेंसी
ज्यौड़ियां। दूसरों को स्वच्छता का संदेश दे रही नगर पालिका ज्यौड़ियां खुद अमल नहीं कर रही है। 25 साल से कबाड़ की नीलामी न होने से दफ्तर परिसर कबाड़खाना बनकर रह गया है। सफाई का अभाव है। अधिकारी इसे लेकर गंभीर नहीं हैं। यह अनदेखी दफ्तर की सुंदरता पर ग्रहण है। लोगों ने नप के अधिकारियों सेे मांग की है कि कबाड़ की नीलामी कर दफ्तर को कबाड़मुक्त करवाएं।
कस्बावासियों का कहना है कि 1986 में नगर पालिका ज्यौड़ियां बनी थी। तब से लेकर आज तक करोड़ों रुपये का सामान कस्बे को स्वच्छ रखने के लिए खरीदा गया। वो सामान अब कबाड़ बन चुका है। कुछ सामान ऐसा भी है जो इस्तेमाल ही नहीं हुआ और कबाड़ बन गया। कंटेनर उठाने वाली गाड़ी न होने से यह इस्तेमाल ही नहीं हुआ और कबाड़ हो गए।
कंडम वाहनों से भर गया कमेटी का दफ्तर
पूर्व पार्षद प्रभ दयाल शर्मा, ऋषिकांत, अशोक कुमार, विनय शर्मा ने कहा कि 25 साल से नगर पालिका में कबाड़ इकट्ठा हो रहा है। कमेटी परिसर कंडम वाहनों व कबाड़ से भर गया है। इस पर न तो चेयरमैन और न ही पार्षदों का ध्यान है। मांग की कि कबाड़ की नीलामी करवा नगरपालिका परिसर को कबाड़मुक्त कर स्वच्छ बनाया जाए। इससे नगर पालिका को आमदन भी होगी।
डायरेक्टर के निर्देश पर भी अमल नहीं : अमृत भूषण
पब्लिक ज्वाइंट एक्शन कमेटी छंब ज्यौड़ियां के संस्थापक अमृत भूषण बाबा भारती नंद ने कहा कि शहीदी स्थल के पास अधर में लटके सामुदायिक भवन तक नगर पालिका का कबाड़ बिखरा पड़ा है। करीब ढाई साल पहले डायरेक्टर लोकल बॉडीज ने फरमान जारी कर जम्मू संभाग की सभी कमेटियों को तुरंत कबाड़ की नीलामी को कहा था, लेकिन ज्यौड़ियां और खौड़ म्युनिसिपल कमेटी में आज तक फरमान पर अमल नहीं हुआ है।
कोट
दफ्तर परिसर में पड़े कबाड़ का मामला ध्यान में है। उच्चाधिकारियों से बात करेंगे। उनके निर्देश पर कबाड़ की नीलामी करवाकर दफ्तर परिसर को कबाड़मुक्त करवाएंगे।
सुभाषचंद्र, कार्यकारी अधिकारी, नगर पालिका