आतंकियों द्वारा बंधक बनाए गए तीन छात्रों में से एक आकाश ने आंखों देखी बताई। आकाश का कहना है कि हम तीन थे। साथ में ही ट्यूशन पढ़ने जा रहे थे। मैं पानी पीने के लिए रुक गया। बाकी दो मंदिर परिसर में चले गए। कुछ देर बाद मैं भी मंदिर पहुंचा। अभी गेट से प्रवेश ही किया। सामने देखा कि आर्मी वर्दी में तीन लोग खड़े हैं। इनके पास मेरे साथ आए दोनों साथी भी थे। वे आपस में पंजाबी में बात कर रहे थे। मेरे साथियों से मोबाइल फोन मांग रहे थे। इतने में मैं और वे लोग आमने-सामने आ गए। मैं कुछ देर खड़ा रहा। वे मेरी तरफ देखकर मेरे साथियों से बात करते रहे। कुछ देर बाद मुझसे भी उन्होंने पंजाबी में बात की। मोबाइल फोन मांगा। मैंने भी मना कर दिया। उसी वक्त उन लोगों ने मेरे दोनों साथियों को भगा दिया और मुझे भी वहां से चले जाने को कहा। हम तीनों वहां से आ गए।