अमरनाथ यात्रा रूट पर गंभीर रूप से बीमार यात्रियों को एयरलिफ्ट करके श्रीनगर में श्री अमरनाथ श्राइन बोर्ड के खर्चे पर बेहतर चिकित्सा सुविधाएं मुहैया करवाई जाएंगी।
एयरलिफ्ट के दौरान मरीज को तत्काल उचित चिकित्सा सुविधाएं देने के इंतजाम किए जाएंगे। यात्रियों की यात्रा सरल और सुरक्षित बनाने के लिए मौसम की सटीक जानकारी के लिए अत्याधुनिक सिस्टम विकसित किया जाएगा।
श्रीनगर में शुक्रवार को श्री अमरनाथ श्राइन बोर्ड की 29वीं बैठक में यह फैसले लिए गए। इस बीच जम्मू आधार शिविर भगवती नगर से 418 यात्रियों का जत्था रवाना हुआ। इसमें 357 पुरुष, 59 महिलाएं और दो बच्चे शामिल रहे। जत्थे में साधु कोई नहीं गया। शुक्रवार को 3294 श्रद्धालुओं ने बाबा बर्फानी के दर्शन किए। जिससे यात्रियों का आंकड़ा 315284 तक पहुंच गया है।
बैठक की अध्यक्षता करते हुए बोर्ड के चेयरमैन एवं राज्यपाल एनएन वोहरा ने यात्रियों की बेहतरी के लिए इंतजाम और पुख्ता बनाने पर जोर दिया। बैठक में बोर्ड सदस्यों ने बादल फटने और भूस्खलन से सोनामर्ग-बालटाल राजमार्ग बंद होने से यात्रियों को हुई परेशानी पर चर्चा की।
छह एडवांस वेदर सिस्टम काम कर रहे हैं
ऐसी परिस्थितियों से निपटने के लिए कश्मीर में अत्याधुनिक एडवांस वेदर सिस्टम लगाने पर जोर दिया गया। बोर्ड के सीईओ पीके त्रिपाठी ने बताया कि यात्रा के दौरान विभिन्न कारणों से मारे गए यात्रियों या अन्य सदस्यों के अंतिम संस्कार और उनके पार्थिव शरीर को पैतृक स्थान तक पहुंचाने की कैंप निदेशकों की ओर से व्यवस्था की गई।
गत तीस जुलाई तक 246134 यात्रियों से एडवांस पंजीकरण और 98584 ने आन स्पाट पंजीकरण कराया था। यात्रा को सुरक्षित बनाने के लिए अत्याधुनिक वेदर सिस्टम की मदद ली जा रही है। इसमें आईएमडी कैंपस, राम मुंशी बाग श्रीनगर में एक्स बैंड डाप्लर वेदर रडार और पवित्र गुफा, बालटाल, शेषनाग, पंजतरणी, पहलगाम और चंदनबाड़ी में छह एडवांस वेदर सिस्टम काम कर रहे हैं।
बोर्ड ने जानकारी दी कि बोर्ड सदस्य प्रो. वेद घई की लिखित दो किताबें कश्मीर शैवज्यिम और श्री अमरनाथ तीर्थ यात्रा का प्रकाशन करवाकर वाजिब दामों पर बाजार में उपलब्ध करवाई गई हैं। बीएसएनएल की ओर से यात्रियों को बालटाल, दोमेल और चंदनबाड़ी में थ्री जी सर्विस दी गई।
इसी तरह पवित्र गुफा, पंजतरणी और शेषनाग में बैंडविडथ वी सेट काम कर रहे हैं। सीईओ ने बताया कि गत तीस जुलाई तक यात्रा के दौरान 36 लोगों की मौत हुई। इसमें अधिकांश हार्ट अटैक, बादल फटने से चार और हादसों में तीन लोगों की मौत हुई।