एम्स और कृत्रिम झील को लेकर सफल जम्मू बंद कर चुकी एम्स कोआर्डिनेशन कमेटी की सोमवार एक जून को बैठक होगी। इस बैठक पर सियासी दलों के अलावा सरकार की भी करीबी नजर है। माना जा रहा है कि बैठक में आंदोलन के अगले चरण की रूपरेखा तय कर इसका ऐलान किया जा सकता है।
जम्मू कोआर्डिनेशन कमेटी में जम्मू बार एसोसिएशन के अलावा जम्मू की व्यापारिक, सामाजिक, धार्मिक और ट्रांसपोर्ट संगठनों के अलावा कांग्रेस, पैंथर्स का भी समर्थन है। कमेटी की अगुवाई कर रहे जम्मू बार एसोसिएशन के प्रधान अभिनव शर्मा के अनुसार कमेटी की बैठक में जम्मू में एम्स खोलने के मुद्दे पर सरकार के रवैये पर चर्चा होगी और अगली रणनीति तय की जा सकती है।
कांग्रेस के उपप्रधान एवं पूर्व मंत्री रमण भल्ला का कहना है कि एम्स जम्मू का हक है। भाजपा नेता इस बाबत अलग-अलग बयान देकर एम्स मुद्दे को भटका रहे हैं। कांग्रेस इस मसले पर संघर्ष कर रही है। भाजपा को लोगों को जवाब देना होगा।
पैंथर्स पार्टी के चेयरमैन हर्ष देव सिंह के अनुसार पार्टी जम्मू के लोगों की आवाज उठा रही है। एम्स के लिए पैंथर्स जम्मू से दिल्ली तक संघर्ष कर रही है। वहीं एम्स के अलावा बन टोल प्लाजा भी जम्मू के लोगों के लिए बड़ा मुद्दा है। एनडीए सरकार ने देश में 62 स्थानों पर टोल प्लाजा बंद कर दिए हैं, लेकिन जम्मू में बन टोल प्लाजा अभी भी जारी है।
पीएम मोदी से मिलने को अभी नहीं मिला वक्त
केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने जम्मू दौरे के दौरान एम्स मुद्दे पर सफल जम्मू बंद पर चिंता प्रकट करते हुए आश्वासन दिया था कि जल्द ही रियासत के उपमुख्यमंत्री डा. निर्मल सिंह और प्रदेशाध्यक्ष जुगल किशोर शर्मा को दिल्ली बुलाकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात करवाई जाएगी ताकि जम्मू में एम्स मुद्दे का हल निकल सकें।
पार्टी सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार अभी प्रधानमंत्री कार्यालय से वक्त नहीं मिला है। जब भी बुलावा आएगा प्रदेश के भाजपा नेता दिल्ली जाकर अपनी बात रखेंगे।