सांबा। किसानों को फसल के समय में कई प्रकार की समस्याओं का सामना करना पड़ता है। प्रत्येक वर्ष किसान परेशान रहते हैं। किसान गारा राम, दिलबाग सिंह, उत्तम चंद, रमेश लाल आदि ने बताया कि किसानों को कहीं बीज व खाद के नहीं मिलने से तो कहीं अधिक बारिश होने से और कई बार सूखे से समस्याओं का सामना करना पड़ता है।
इन दिनों किसान पहले बारिश के कारण दुखी थे। धान की बासमती की फसल नष्ट हो गई। गेहूं की खेती को तैयार करने की फिक्र, वहीं कुछ भूमि को गेहूं की फसल के लिए तैयार तो कर लिया है। अब उन्हें गेहूं के बीज ही नहीं उपलब्ध हो रहे हैं। ऐसे में किसानों को एक साथ अनेक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। ऐसे में किसान कैसे खुशहाल हो सकेंगे। उन्होंने उपराज्यपाल से मांग की है कि किसानों की भी सुध ली जाए।
क्या कहते हैं अधिकारी
गेहूं के नारमल सून के बीज विभाग के पास गत शाम पहुंच गए हैं। इसमें गेहूं के 2967, 3086 और एचडी 3059 बीज भी उपलब्ध है। जो 15 से 30 नवंबर तक लगाए जा सकते हैं। किसानों को चाहिए कि यदि उत्तम पैदावार लेनी है तो वह एक हेक्टेयर में 175 किलो यूरिया, 100 किलोग्राम पोटाश और 20 किलो जिंक का छिड़काव करें। वहीं एक कनाल में छह किलो गेहूं का बीज डालें, गेहूं की बिजाई के के साथ करें ताकि गेहूं का बीज जमीन में सही तह में पहुंच सके व गेहूं की फसल से अच्छी पैदावार ली जा सके।
-तिलक राज शर्मा, एसडीओ, कृषि विभाग, सांबा