आरएस पुरा। उपजिले के किसानों ने बारिश और ओलावृष्टि के चलते खेत में खड़ी धान सहित अन्य फसल खराब होने पर सरकार से राहत राशि जल्द मुहैया कराने की मांग की। सीमावर्ती गांव विधिपुर जट्टा के किसान धर्मपाल चौधरी ने कहा कि लगभग एक माह बीत जाने के बाद भी किसानों को धान की फसल की राहत राशि नहीं मिल पाई है।
उन्होंने कहा कि अभी तक राजस्व विभाग की ओर से रिकार्ड नहीं बनाया गया है। कई गांव में अभी भी किसानों की खराब हुई फसल का निरीक्षण नहीं किया गया। सीमावर्ती गांव रायपुर सजदा के प्रीतम सिंह ने कहा कि जिन किसानों की फसलों को नुकसान पहुंचा है, उन्हें तुरंत मुआवजा दिया जाना चाहिए, लेकिन ऐसा नहीं किया जा रहा। बारिश और ओलावृष्टि के कारण धान की फसल नष्ट होने से किसानों की कमर टूटने पर किसानों की अनदेखी की जा रही है। किसान सरदारी लाल, उत्तम सिंह ने बताया कि अधिकतर ऐसे किसान हैं जिन्होंने कर्ज लेकर धान की फसल लगाई, लेकिन कुदरत की मार ने उनकी उम्मीदों पर पानी फेर दिया है। अगर जल्द से जल्द किसानों को मुआवजा नहीं दिया गया तो किसान बर्बाद हो जाएंगे।
आल इंडिया किसान यूनियन के नेता मनदेव सिंह ने कहा कि किसानों की खराब हुई धान खेतों में पहुंच कर देखने के साथ कई पार्टियों के नेताओं व प्रशासन की ओर से आश्वासन दिया गया था कि उनका पक्ष सरकार के समक्ष रख समाधान कराया जाएगा। किसान नेता सुभाष दषगोत्रा ने कहा कि सरकार को किसानों का केसीसी ऋण और बिजली शुल्क माफ करना चाहिए, क्योंकि किसान ऋण की किश्त या बिजली शुल्क का भुगतान करने की स्थिति में नहीं हैं। सरकार की और से सिवाये झूठे अशवासनों के कुछ नही किया जा रहा।
------------
प्रति कनाल 675 रुपये प्रति धान की फसल की राशि तय की गई है। इसकी सूची बनाकर भेज दी गई है। कुछ राशि आई है जो किसानों के बैंक खाते में डाल मुहैया करा जा रही है।
- शुव अहमद शाहद, तहसीलदार, आरएस पुरा