आरएस पुरा। उपजिले में माइनर नहरों में पानी की आपूर्ति न होने पर धान की फसल सूखने लगी है। किसानों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। नहरी पानी की आपूर्ति न होने पर किसानों में रोष है।
किसान अजीत सिंह का कहना है कि मुख्य रणवीर नहर में पानी का जलस्तर कम होने पर माईनर नहरों में पानी नहीं पहुंच रहा है, जिससे खेतों में लगाई धान सूख रही है। उन्होंने कहा कि एक ओर सरकार किसानों की आय में बढ़ोतरी करने के लिए बनाई योजनाओं के लिए दुहाई दी जा रही है। दूसरी ओर किसानों को सुचारु रूप से नहरी पानी की आपूर्ति नहीं हो रही, जिसके चलते लगाई धान सूख रही है। किसान प्रीतम लाल, योगराज का कहना है कि सिंचाई विभाग के उच्च अधिकारियों को चाहिए कि वे पानी का समय पर किसानों के खेतों तक पहुंचाने का प्रयास करें। क्योंकि धान की रोपाई का सीजन निकलता जा रहा है और जो उन्होंने रुपये खर्च कर धान की रोपाई कराने पर पानी की कमी के कारण किसानों का नुकसान हो हो रहा है। किसान जीत राज ने कहा कि सिंचाई विभाग को धान की रोपाई के सीजन में पर्याप्त मात्रा में पानी की पूर्ति करनी चाहिए, पर हर वर्ष ऐसा नहीं किया जाता, जिसके चलते किसानों को नुकसान उठाना पड़ता है। जीतराज ने कहा कि बारिश होने पर किसानों को राहत मिलने पर नहरी विभाग द्वारा अनदेखी की जाती है, जिसके चलते उन्हें जरूरत के मुताबिक पानी नहीं मिलता। उन्होंने कहा कि हर वर्ष नहरों की सफाई कराने पर लीपापोती की जाती है। अगर समय पर नहरों की सफाई कराई जाए और नहरों का रखरखाव बेहतर हो तो सुचारु रूप से पानी की आपूर्ति हो सकती है।
--------
मुख्य नहर में पानी कम होने पर दिक्कत आ रही। विभाग की ओर से बारबंदी कर किसानों को नहरी पानी की आपूर्ति की जा रही पर जरूरत अधिक है।
-जसकरण सिंह, जेई, नहर विभाग
फोटो
नहरी पानी को लेकर किसानों का प्रदर्शन
संवाद न्यूज एजेंसी
आरएस पुरा। सीमावर्ती क्षेत्र में नहरी पानी न आने के विरोध में शुक्रवार को किसानों ने बासपुर बंगला क्षेत्र में सिंचाई विभाग के खिलाफ प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि अगर जल्द नहरों में पानी नहीं छोड़ा गया तो बड़ा आंदोलन शुरू हो जाएगा।
प्रदर्शन में शामिल पूर्व सरपंच विजय चिब, किसान मंगाराम, श्याम लाल तथा बलविंदर सिंह ने कहा कि सीमावर्ती क्षेत्र में नहरी पानी न पहुंचने के कारण किसान धान की फसल नहीं लगा पा रहे हैं। जो फसल लगाई गई है वह पानी के अभाव में सूख चुकी है। किसानों ने कहा कि इस संबंध में किसान कई बार सिंचाई विभाग के अधिकारियों को अवगत करा चुके हैं। इसके बावजूद विभाग की तरफ से नहरों में पानी नहीं छोड़ा जा रहा है। किसानों ने कहा कि अगर एक-दो दिन के भीतर नहरी पानी नहीं छोड़ा गया। तो किसान बड़ा आंदोलन करने पर मजबूर हो जाएंगे। इसके लिए सिंचाई विभाग पूरी तरह से जिम्मेदार होगा। किसानों ने कहा कि विभाग की लापरवाही के कारण जगह-जगह पर कुछ लोगों ने नहर का पानी आगे जाने से रोक रखा है, जिसके चलते अंतिम छोर तक पानी नहीं पहुंच पा रहा है। उन्होंने कहा कि हर साल किसानों को समय पर पानी नहीं मिलता, लेकिन विभाग द्वारा इसके लिए कोई भी ठोस कदम नहीं उठाए जाते हैं। इसका खामियाजा सीमावर्ती किसानों को भुगतना पड़ता है। उन्होंने कहा कि शुक्रवार सिंचाई विभाग के एक्सईएन ने मौका देखा और कहा कि सोमवार तक नहर में पानी छोड़ दिया जाएगा, उसके बाद बारबंदी के तहत नहर में पानी छोड़ा जाएगा। स्थानीय किसानों का कहना है कि अगर बारबंदी की गई तो किसान आरएस पुरा-जम्मू मुख्य सड़क मार्ग बंद कर प्रदर्शन करने को मजबूर होंगे। उन्होंने कहा कि अखनूर क्षेत्र में बारबंदी नहीं की जा रही और यहां पर ऐसा किया जा रहा है। अगर बारबंदी की गई तो सिंचाई विभाग तथा प्रशासन के अधिकारी जिम्मेदार होंगे।