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Jammu News: किसानों से वसूला जाएगा वर्ष 2015 से लेकर अब तक अबियाना

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- राजस्व विभाग ने शुरू की प्रक्रिया, किस्तों में राशि जमा करवा सकते हैं किसान
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संवाद न्यूज एजेंसी
ज्यौड़ियां। जम्मू-कश्मीर में पिछले 11 वर्षों से बंद अबियाना (सिंचाई सेवा शुल्क) अब किसानों से किस्तों में वसूला जाएगा। राजस्व विभाग ने अबियाना वसूलने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। विभाग का कहना है कि वर्ष 2015 से लेकर अब तक का अबियाना जमा करवाना ही पड़ेगा। किसान इसे किस्तों में जमा करवा सकते हैं।
बता दें कि वर्ष 2015 में जब प्रदेश में भाजपा-पीडीपी की गठबंधन सरकार थी तो किसानों से सरकार ने अबियाना लेना बंद कर दिया था। इसके बाद वर्ष 2022 में एलजी प्रशासन ने एक नोटिफिकेशन जारी कर किसानों को अबियाना जमा करवाने के निर्देश जारी किए थे। उस समय किसानों का कहना था कि वे पिछले सात सालों का अबियाना जमा करवाने में असमर्थ हैं। किसानों का कहना था कि उनके लिए इतनी बड़ी रकम जमा करवाना मुश्किल है। अब फिर से राजस्व विभाग ने अबियाना वसूलने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। उधर, सिंचाई विभाग के एईई निशांत शर्मा ने कहा कि अबियाना लिया जा रहा है। इसे बंद नहीं किया गया था।
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राजस्व विभाग ने जारी की रेट लिस्ट
विभाग की तरफ से रबी की फसल का अबियाना रेट (सालाना) प्रति एकड़ मवेशियों के चारे के लिए बरसीन के 81 रुपये, सब्जियों के 81 रुपये, गेहूं के 61 रुपये, सरसों के 61 रुपये शुल्क लिया जाएगा। जिन लोगों ने सिंचाई के लिए लिफ्ट इरीगेशन लगाई है उनके लिए गन्ना, धान और बगीचे के 121 रुपये प्रति एकड़ शुल्क लिया जाएगा। लिफ्ट की सिंचाई पर गेहूं और बरसीन के 303 रुपये, सब्जियों के 364 रुपये, सरसों के 182 रुपये, धान के 607 रुपये और चारे के 154 रुपये वसूले जाएंगे।
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