कंडी इलाकों में देरी से बिजाई के बाद भी पहले तैयार होगी फसल, अक्तूबर में किसानों को बीज उपलब्ध कराने की तैयारी
- 110 से 120 दिनों में तैयार होगी, पुरानी किस्में लेती हैं 150 से 170 दिन का समय
सतीश वालिया
जम्मू। कंडी इलाकों के लिए स्काॅस्ट जम्मू गेहूं की नई किस्म लांच करने की तैयारी में है। यह नई किस्म 110 से 120 दिनों में पक कर तैयार होती है। हालांकि प्रदेश में पुरानी किस्म में जेसीडब्ल्यू 0173 बीज उगाया जा रहा है। यह 150 से 170 दिनों के बीच पकता है।
स्काॅस्ट जम्मू के अनुसार, हर साल कंडी क्षेत्र में नवंबर व दिसंबर में बारिश न होने से बिजाई रुक जाती है। दिसंबर अंतिम सप्ताह व जनवरी के बीच बिजाई का काम शुरू होता है। इससे फसल मई में तैयार होती है। अब नई किस्म के बीज को लेटर श्रेणी, यानी देरी से बीजी जाने वाले बीजों में रखा गया है। दिसंबर के अंत में बिजाई करने पर अप्रैल के बीच में फसल पक कर तैयार हो जाएगी। इस पर शोध 2016 से चल रहा है। अब इसे अंतिम रूप दिया जा रहा है। जून में इसे मंजूरी के लिए प्रदेश कमेटी के पास भेजा जाएगा। इसके बाद केंद्रीय कमेटी अंतिम रूप देगी। अक्तूबर में किसानों को बीज उपलब्ध कराने की तैयारी है।
70 फीसदी इलाका प्रदेश में असिंचित : प्रदेश में 388703 हेक्टेयर भूमि बिना सिंचाई के है। इसमें जम्मू संभाग में 253703, कश्मीर घाटी में 135000 हेक्टेयर
इलाका आता है। जम्मू में 68 प्रतिशत तो कश्मीर में 39 प्रतिशत इलाका शामिल है।
इतने हेक्टेयर में होती है गेहूं की बिजाई : प्रदेश में गेहूं कुल 254745 हेक्टेयर भूमि में उगाई जाती है। कुल पैदावार 517979 (20.33 फीसदी) क्विंटल है। 80 फीसदी गेहूं की खरीद पड़ोसी राज्यों पर निर्भर है।
क्या है खासियत
- आटे का रंग सफेद
- खाने में स्वादिष्ट
- रोटी नर्म बनती है
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नई किस्म के गेहूं पर शोध चल रहा है। फसल 110 से 120 दिनों में तैयार होती है। पुरानी किस्म 150 से 170 दिनों में पकती है। देरी से बिजाई के बाद भी समय पर फसल पकेगी।
- डाॅ. सुभाष कश्यप, वैज्ञानिक, प्लांट ब्रीडिंग एंड प्लांट जेनेटिक्स विंग, स्काॅस्ट जम्मू