ज्यौड़ियां। जहां लोग रोजी रोटी के लिए सरकारी नौकरी पाने के लिए भटकते रहते हैं और तमाम प्रयास के बाद भी उन्हें सफलता नहीं मिल पाती है। ऐसे में वे गलत रास्ते पर भटक जाते हैं। वहीं खौड़ की पंचायत चकक मलाल के वार्ड-छह के किसान नौकरी या रोजगार की चिंता छोड़ खेती को ही उस रूप में अपनाए हुए हैं। वे खेती को ही नौकरी समझते हैं। उनके अनुसार ग्रामीण क्षेत्रों में अगर समय रहते सरकारी नौकरी नहीं मिले तो हमें समय को बरबाद नहीं करते हुए किसी न किसी काम में जुट जाना चाहिए।
चकक मलाल वार्ड-6 निवासी मदन लाल, बलबीर सिंह, रंजीत लाल तथा रतन लाल ने बताया कि उनके वार्ड के 95 प्रतिशत लोग खेतों में सब्जी उगाते हैं, और अपनी रोजी-रोटी चलाते हैं। किसानों ने सब्जी नजदीक की मंडी ज्यौड़ियां या अखनूर में भेजते हैं। किसानों ने बताया कि वह हर मौसम में सब्जी उगाते हैं। कई किसान तो नजदीक के गांवों में फेरी लगाकर भी सब्जी बेचते हैं। किसानों ने बताया कि सरकारी नौकरी वाले लोगों से वह ज्यादा तो नहीं कमाते, लेकिन उनसे कम भी नहीं हैं। वह धान और गेहूं जैसी मुख्य फसलों को जरूरत के अनुसार उगाते हैं। ज्यादातर सब्जियां उगाते हैं जिसमें टमाटर, गोभी, मशरूम, कद्दू, मूली, सरसों का साग, सब्जी वाला प्याज, शलगम तथा मटर आदि शामिल हैं। सब्जी उगाना परिवार के एक सदस्य का काम नहीं है। पूरा परिवार पूरा दिन खेतों में व्यस्त रहता है।