रामगढ़। लॉकडाउन के कारण सबसे बड़ी मार किसानों और मजदूरों पर पड़ी है। क्षेत्र के किसानों ने बैंक से केसीसी का लोन लेकर फसल लगाई, लेकिन दो सीजन से फसल खराब हो रही है।
किसान नेता मोहन सिंह भट्टी, सामाजिक कार्यकर्ता अविनाश चौधरी, रिमपु जमवाल आदि ने सरकार से किसानों का केसीसी का लोन माफ करने की अपील की है। उन्होंने कहा है कि केसीसी लोन वसूली की नोटिस ने किसानों पर कोरोना के कहर को डबल कर दिया है। एक तरफ जहां लॉकडाउन की वजह से खेतों में खड़ी फसलों की कटाई नहीं हो पा रही है और दूसरे काम बंद हैं। दूसरी ओर ग्रामीण बैंकों द्वारा किसानों को नोटिस भेजे जाने से अन्नदाता मानसिक रूप से बेहद परेशान हैं। लोगों को खाने के लाले पड़े हैं तो वह ऋ ण कैसे उतारेंगे ? उन्होंने कहा कि न केवल बैंकों ने गरीब किसानों को वसूली की धमकी दी है, बल्कि चतुराई से लॉकडाउन के चलते अपनी जिम्मेदारियों से पल्ला झाड़ने के लिए नोटिस दिया है। सरकार ने न सिर्फ गरीब किसानों का अपमान किया है बल्कि लॉकडाउन के आदेश का भी उल्लंघन किया है। लॉकडाउन का उल्लंघन करने के जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई करनी चाहिए। मोहन सिंह का कहना है कि पूरी दुनिया में जब कोरोना के कहर से निपटने के लिए सरकारें आम जनता के लिए, किसानों के लिए, छोटे मंझले व्यापारियों के लिए राहत पैकेज का ऐलान कर रही है, वहीं प्रदेश सरकार ने किसानों से वसूली का अभियान चला रही है। इसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।