अखनूर। सीमावर्ती क्षेत्र में दो सप्ताह से बारिश से मक्की और बाजरे की फसल गिर कर बरबाद हो गई है। किसानों को चिंता सताने लगी है।
सीमावर्ती अखनूर, खौड़ और चौकी चौरा में दो सप्ताह से भारी बारिश से मक्की और बाजरे सहित अन्य फसलों को काफी नुकसान हुआ है। भारी बारिश से फसल पानी का दबाव सहन नहीं करने पर फसल नीचे गिर गई। क्षेत्र में 30 प्रतिशत फसल को नुकसान हुआ है। सबसे ज्यादा नुकसान गांव चननी, टरकवाल, सुंगल, चौकी, बुद्ध चढेई, टांडा, सौहाल, पंजग्राई सहित अन्य गांवों में हुआ है। किसानों को भविष्य की चिंता सताने लगी है। किसान बाबू राम ने बताया दो हफ्तों से भारी बारिश से तैयार मक्की और बाजरे सहित अन्य फसलों को काफी नुकसान हुआ है। उन्होंने बताया कि भारी बारिश आफत बन करके आई है। मक्की और बाजरे की फसल गिर गई है। जो अब फसल देने मे असमर्थ हो गई है। उन्होंने बताया कि पहले फसलों को कीड़ों की मार लगी, अब बारिश ने रही सही फसल खराब कर दी।
किसान तरसेम लाल ने बताया कि भारी बारिश से फसलों को काफी नुकसान हुआ है। सबसे ज्यादा नुकसान मक्की और बाजरे की फसल को हुआ है। खेतों में फसल गिर गई है जिस पर फसल नहीं लगाने की संभावना है।
मक्की की फसल को बीमारी लगने पर कृषि विभाग आया हरकत में
सांबा। जिले में किसानों की मक्की की फसल को बीमारी लगने से किसान काफी परेशान थे। जिला कृषि अधिकारी जितेंद्र खजूरिया की देखरेख में विभागीय अधिकारियों ने ग्रामीणों से भेंट कर उन्हें फसल को लगने वाली बीमारी के बचाव के बारे में जागरूक किया। वहीं दवाई का छिड़काव कैसे करना है, के बारे में जानकारी दी। कृषि अधिकारी राजेंद्र मट्टू, संजे रैणा, आरएस जमवाल, संजीव कुमार, मोहिंद्र पाल, स्कालर मोनिका सिंह व सफीया रशीद प्रमुख रूप से उपस्थित थे। संवाद