शेर-ए-कश्मीर यूनिवर्सिटी ऑफ एग्रीकल्चर साइंसेस एंड टेक्नोलाजी (स्कास्ट) में वीरवार को 13 दिन बाद कक्षाएं शुरू की गईं। बाढ़ से कैंपस में हुई भारी तबाही के बाद अकादमिक गतिविधियां ठप चल रही थीं।
बलोल नाले से कैंपस में पानी घुस आने के कारण वैज्ञानिक शोधों के अलावा पीजी क्लास रूम, यूजी लेक्चर थियेटर, आफिस, लैबोरेटरी आदि को काफी नुकसान पहुंचा था। कैंपस में हुए नुकसान का जायजा न लेने पर विद्यार्थियों में रोष है।
इस बीच कुलपति डॉ. पीके शर्मा ने अधिकारियों के साथ विद्यार्थियों से बातचीत कर सारी अकादमिक गतिविधियों को दोबारा शीघ्र सामान्य बनाने का भरोसा दिलाया। स्कास्ट टीचिंग एसोसिएशन जम्मू के प्रधान डॉ. विकास शर्मा ने कहा कि बाढ़ के पानी से कैंपस में भारी क्षति पहुंची है, लेकिन अब तक न तो जिला प्रशासन और न ही सरकार की ओर से ही नुकसान का जायजा लिया गया है।
स्कास्ट ने केंद्र और राज्य स्तर पर कृषि क्षेत्र में कई उपलब्धियां हासिल की हैं, लेकिन मौजूदा हालात में शोध और दूसरी गतिविधियों को पटरी पर लाना चुनौती है। सरकार को शीघ्र उचित राशि जारी करके स्कास्ट के पुनर्निर्माण पर काम करना चाहिए। इस दौरान डॉ. विवेक एम आर्य, डॉ. पीके राय आदि मौजूद रहे।