सांबा। जिला के रख अंब टाली क्षेत्र के करंडी में सिडको विभाग द्वारा जमीन को अधिग्रहण करने के खिलाफ जिला प्रशासन व सिडको विभाग के खिलाफ गांव के लोगों ने प्रदर्शन कर नारेबाजी की।
लोगों का कहना है कि जिला प्रशासन व सिडको विभाग स्थानीय लोगों की खेती योग्य जमीन को उनकी मर्जी के खिलाफ अधिग्रहण कर रहा है। इसे लेकर लोगों में भारी रोष है। स्थानीय ग्रामीणों ने अपनी खेती योग्य भूमि सिडको विभाग को नही देने की बात कही। उन्होंने कहा कि भारत एक कृषि प्रधान देश है लेकिन किसानों को विश्वास में लिए बिना ही खेती योग्य जमीनों पर बड़े बड़े कारखाने बना दिए जाते है। इससे उन कारखानों के आसपास की भूमि भी बंजर बन जाती है। उसके बाद किसानों को भूखे मरने के लिए छोड़ दिया जाता है। उग्र लोगों को समझाने के लिए पुलिस बल के साथ राजस्व विभाग के अधिकारी गांव में पहुंचे। लेकिन लोगों ने सिडको को जमीन देने से मना कर दिया।
कुछ लोगों के पास थोड़ी सी जमीन है जिसको वह विभाग को नही देना चाहते हैं, क्योंकि उन्होंने वह जमीन घर बनाने के लिए रखी है। आज जमीनों के दाम आसमान छू रहे हैं। ऐसे में गरीब ग्रामीणों के लिए जमीन खरीद कर घर बनाना संभव नहीं है। कुछ लोग कई वर्षों से उक्त जमीन पर खेती करते आ रहे है। इसी भूमि से अपने परिवार का गुजर बसर कर रहे हें। भूमि चली जाने से लोग पाई पाई के मोहताज हो जाएंगे।
-राज कुमारी, स्थानीय महिला
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सिडको विभाग को आड़े हाथों लेते हुए लोगों ने कहा कि विभाग लोगों की खेती योग्य जमीन तो ले लेता है। कारखाने वाले उस जमीन पर सब्सिडी खाने के लिए कारखाने शुरू कर कुछ दिन बाद उसे बंद कर चले जाते हैं। सांबा व कठुआ में ऐसे दर्जनों कारखाने बंद हो चुके हैं। लोगों के अनुसार खेती योग्य भूमि को किसानों से छीन कर उन्हें बेरोजगार किया जा रहा है।