मीरां साहिब। रणवीर नहर डी-10 की सिंचाई विभाग द्वारा सफाई कराने के बाद किनारों पर मिट्टी व गंदगी अभी तक पड़ी हुई है। उसके नहीं उठाए जाने पर गांव कृष्णा नगर बस्ती के लोगों ने सोमवार को विरोध-प्रदर्शन किया। प्रदर्शन का नेतृत्व समाजसेवी दीपक शर्मा कर रहे थे। प्रदर्शन में काफी संख्या में स्थानीय लोग शामिल रहे।
जिन्होंने सिंचाई विभाग के खिलाफ नारेबाजी कर रोष जताया। समाजसेवी दीपक शर्मा, जितेंद्र भगत, सुनील डोगरा आदि ने कहा कि सिंचाई विभाग द्वारा नहर से निकाली गई गंदगी को सड़क पर फेंक दिया गया है। इस कारण राहगीरों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। आसपास रहने वाले लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि नहर से निकाली गई मिट्टी की धूल के कारण लोग बीमारियों का शिकार हो रहे हैं। काफी दिन बीत जाने के बावजूद सिंचाई विभाग इस गंदगी को नहीं उठा रहा है।
उन्होंने कहा कि जरा सी हवा चलने या वाहनों के निकलने के बाद धूल तथा मिट्टी लोगों के घरों तथा दुकानों में जाने पर दिक्कतें आ रही है। खासकर सड़क पर सुबह शाम सैर करने वाले लोगों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। प्रदर्शन कर लोगों ने सिंचाई विभाग को चेतावनी देते हुए कहा कि अगर जल्द से जल्द नहर के किनारे लगे मिट्टी के ढेरों नहीं उठाए गए तो आने वाले दिनों में बड़ा आंदोलन करने पर मजबूर हो जाएंगे।
किसानों ने की मट्टू नहर में जल्द पानी छोड़ने की मांग
संवाद न्यूज एजेंसी
ज्यौड़ियां। खौड़ की पंचायत मट्टू के किसानों ने नहर मट्टू नंबर एक, दो और तीन में जल्द पानी छोड़ने की मांग की है। किसानों ने बताया कि एक अप्रैल से प्रताप न्यू नहर में अखनूर से सिंचाई विभाग की तरफ से पानी बहाल कर दिया गया है। पानी खौड़, पलांवाला आदि तक पहुंच रहा है, लेकिन विभाग की तरफ से अभी तक पंचायत मट्टू की एक भी नहर में पानी नहीं छोड़ा है। इसके चलते किसानों में भारी रोष है।
किसानों ने बताया कि पंचायत कि खेती को सींचने वाली सभी तीनों नहरों की सफाई हो चुकी है। फिर पानी बहाल करने में क्यों देरी की जा रही है। किसानों ने बताया कि उनका मवेशियों के लिए बीजा गया चारा सूख रहा है। इसे सिंचाई की अति आवश्यकता है। इसलिए विभाग जल्द पानी बहाल करे।
किसान नायब सरपंच कुलबीर सिंह, रमेश सिंह तथा बहादुर सिंह आदि ने विभाग को चेतावनी देते हुए कहा कि क्षेत्र की सभी तीनों नहरों में पानी बहाल कर दिया जाए, नहीं तो परिणाम अच्छे नहीं होंगे।
कंडी क्षेत्र को सूखा ग्रस्त घोषित किया जाए
विजयपुर। कांग्रेस नेता एवं ब्लाक प्रधान रघुवीर सिंह बागल की देखरेख में सोमवार को राया सुचानी में एक बैठक हुई। इस मौके पर क्षेत्र के किसानों ने बढ़ चढ़कर भाग लिया। उन्होेंने बताया कि कंडी क्षेत्र में गेहूं और अन्य फसल बारिश न होने के कारण सूख चुकी है। इसलिए क्षेत्र को सूखा ग्रस्त घोषित किया जाए, ताकि हमें मुआवजा मिल सके।
इन परेशानियों को सुनने के बाद ब्लॉक प्रधान ने किसानों को आश्वासन दिया कि आप लोगों की परेशानियों को जल्द ही उपायुक्त और उपराज्यपाल को बताई जाएंगी। ताकि कंडी क्षेत्र को जल्द से जल्द सूखाग्रस्त घोषित किया जाए। क्योंकि किसान इस समय काफी परेशान हैं। उन्होंने बताया कि गेहूं की बिजाई के दौरान काफी खर्चा आ जाता है, लेकिन फसल जब पकने पर पहुंचती है तो फसल सूख जाती है। उन्होंने उपायुक्त से मांग की है कि कंडी क्षेत्र को सूखा ग्रस्त घोषित किया जाए। ताकि किसानों को राहत मिल सके।
बैठक में कुलवीर सिंह, चंद्रपाल सिंह, पुरुषोत्तम कुमार, मनसा राम, रामचंद भगत आदि मौजूद थे।
गेहूं की फसल पीली पड़कर हो रही खराब
संवाद न्यूज एजेंसी
अखनूर। कंडी क्षेत्र में दो माह से बारिश नहीं होने पर गेहूं की फसल पीली पड़ कर खराब होने की स्थिति में आ गई है। इससे किसानों की चिंता बढ़ गई है।
कंडी क्षेत्र के चौकी चोहरा, मैरा मेंदरिया, कनेडी, करटाला, चननी, सौहल सहित अन्य क्षेत्रों में गेहूं, सरसों सहित अन्य फसलें सूखने की कगार पर पहुुंच गई है। फसलों को सही मात्रा में पानी नहीं मिल रहा है। इस कारण वह पीली पड़ गई है।
किसान राम पाल ने बताया कि दो माह से क्षेत्र में बारिश नहीं होने पर फसलें खराब हो रही हैं। फसलों के पीली पड़ने से उनके दाने की आस खत्म हो रही है। उन्होंने बताया कि इस बार गेहूं की फसल काफी अच्छी थी, मगर अंतिम समय पर बारिश नहीं होने पर फसल खराब हो गई।
किसान कुलदीप शर्मा ने बताया कि दो माह से बारिश की आस लगी हुई थी। मगर बारिश नहीं होने पर परिवार के पालन पोषण की चिंता सताने लगी है। उन्होंने बताया कि गेहूं की फसल के अलावा अन्य फसलों को भी का नुकसान हो रहा है।