बिश्नाह में मुआवजे की मांग को लेकर धरने पर बैठे लोग।
बिश्नाह। गांव चक अवतारा में शनिवार सुबह उस समय हंगामा मच गया जब पुलिस की मौजूदगी में किसानों ने रिंग रोड का निर्माण कार्य मुआवजा न मिलने के कारण रुका था फिर से शुरू करा दिया गया। स्थानीय किसानों को जब इसकी जानकारी हुई तो पूर्व सरपंच सुरजीत सिंह चाढ़क और किसानों ने विरोध किया और कार्य को रोकने की प्रशासन से गुहार लगाई। किसानों ने कहा कि जब तक उन्हें मुआवजा नहीं दिया जाता तब तक इस काम को रोका जाए, लेकिन प्रशासन ने किसानों की एक नहीं सुनी और विरोध जताने पर पूर्व सरपंच सहित कई किसानों को हिरासत में ले लिया।
किसानों के प्रदर्शन की जानकारी भाजपा सरपंच-पंच एसोसिएशन और बिश्नाह विकास मंच के लोगों को हुई। तो उन्होंने इस घटना पर विरोध जताया और किसानों के साथ जिस स्थान पर रिंग रोड का कार्य चल रहा था वहां प्रदर्शन शुरू कर दिया। इस दौरान टायर जला कर विरोध जताया गया। प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी और चक्का जाम कर दिया। विरोध जता रहे भाजपा के डीडीसी प्रधान धर्मेंद्र कुमार, बीडीसी प्रधान सुरजीत कुमार, भाजपा प्रदेश कार्यकारिणी के सदस्य पंडित नारायण दत्त शर्मा, म्यूनिसिपल कमेटी अध्यक्ष राजन शर्मा, भाजपा किसान संघ के सतीश भारती पंच-सरपंच एसोसिएशन के प्रधान जितेंद्र सिंह, बिश्नाह विकास मंच के प्रधान सुनील भाटिया पिंटा सैकड़ों समर्थकों के साथ किसानों के हक के लिए विरोध प्रदर्शन में शामिल हुए और किसानों के साथ धरने पर बैठ गए। उन्होंने प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की। इन लोगों का कहना था कि प्रशासन को कोई हक नहीं है कि वह किसानों की जमीन बिना मुआवजे के ही कब्जा ले। पहले किसानों को मुआवजा मिलना चाहिए। उसके बाद ही इस रिंग रोड के कार्य की शुरुआत होनी चाहिए।
विरोध प्रदर्शन कर रहे किसानों ने एसडीएम और एसडीपीओ आरएस पुरा के खिलाफ नारेबाजी की। इन लोगों का कहना था कि इन्होंने किसानों के साथ और पूर्व सरपंच के साथ एक अपराधी की तरह व्यवहार किया। पूर्व सरपंच को हिरासत में लेकर उनका मोबाइल जब्त कर लिया। उन्होंने तहसीलदार अरनिया पर भी किसानों के साथ अभद्रता करने के आरोप लगाए। हालांकि प्रशासन ने विरोध जता रहे किसानों को समझाने का प्रयास किया लेकिन भाजपा नेता सरपंच-पंच एसोसिएशन के लोग मंच के नेता ने जहां पहले इस कार्य को रोकने के साथ-साथ किसानों और पूर्व सरपंच की रिहाई की मांग की और प्रशासन से किसान और सरपंच से माफी की मांग रखी। इसके बाद पूर्व सरपंच सुरजीत सिंह और उनके साथ हिरासत में लिए गए किसानों को प्रशासन ने उसी वक्त छोड़ दिया। छूटने के बाद वह भी धरना स्थल पर पहुंच गए। उन्होंने फिर से किसानों के साथ प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की। कहा कि जब तक किसानों को उनकी जमीन का मुआवजा नहीं दिया जाता तब तक रिंग रोड का काम नहीं करने दिया जाएगा।
किसानों के साथ महिलाएं भी परिवार सहित धरना स्थल पर पहुंची। उन्होंने भी प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की। किसानों का कहना है कि किसानों की 10 कनाल के करीब भूमि इस रिंग रोड में आई है। उन्हें मात्र 7 कनाल का मुआवजा दिया जा रहा है। तीन कनाल भूमि का मुआवजा उन्हें दिया ही नहीं जा रहा। यह सारा कसूर राजस्व विभाग का है। उनकी गलती का खामियाजा किसानों को भुगतना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि जिस जमीन की कीमत 50 लाख के करीब थी। सरकार हमें जमीन की कीमत कौड़ियों के भाव दे रही है। इसके बाद प्रदर्शन कर रहे किसान और नेता डीडीसी सदस्य धर्मेंद्र कुमार के साथ डीसी जम्मू से मिलने चले गए। उन्होंने पूरी घटना की जानकारी दी। डीसी ने उन्हें आश्वासन दिया कि किसी भी किसान को बिना मुआवजे के नहीं रहने दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि मैं चक अवतारा में किसानों के पास आकर उनकी समस्याओं को सुनकर निदान करूंगा।