अमर उजाला ब्यूरो
जम्मू। रविवार को तड़के साढ़े तीन बजे से शुरू हुई करीब पांच घंटे की मूसलाधार बारिश से शहर लबालब भर गया। तीन दशक बाद शहर में बाढ़ जैसे हालात रहे। रणबीर नहर ओवरफ्लो हो गई और पानी दोनों तरफ सड़कों से होते हुए घरों में घुस गया। इससे कई क्षेत्रों में भारी तबाही मचाई। इस भारी बारिश ने किसी को संभलने का मौका नहीं दिया। लोगों की जब तक आंख खुली तब तक तीन से पांच फीट पानी भर चुका था।
बाढ़ जैसे हालात से निपटने के लिए कुछ क्षेत्रों में एसडीआरएफ के जवानों को उतारना पड़ा। नाले जाम हुए तो नगर निगम को आननफानन में कर्मियों के साथ जेसीबी समेत अन्य संसाधन झोंकने पड़े। नालों में फंस गए कचरे से हालात और बदतर हो गए। अगले 48 घंटों में ऑरेंज अलर्ट को देखते हुए शहर के नालों में सफाई अभियान दिन भर चलाया गया ताकि रविवार जैसे हालात न बन पाएं। कई प्रभावित इलाकों में दिन भर रेस्क्यू ऑपरेशन जारी रहा।
बारिश रुकने के बाद भी प्रभावित क्षेत्रों में लोग सहमे रहे। मौसम विभाग की चेतावनी देख लोगों को भय है कि रात में बरसने वाला पानी पता नहीं कहां तबाही मचा दे। शहर के साथ ग्रामीण क्षेत्रों में भी भारी बारिश ने तबाही की। खेत खलिहानों के साथ सड़कें जलमग्न रहीं। इससे राहगीरों के साथ वाहन चालकों को आवाजाही में परेशानी झेलनी पड़ीं। बारिश से हुई तबाही लोगों ने दिनभर चर्चा का विषय रही। कई इलाकों में दिनभर बिजली आपूर्ति प्रभावित रही।