व्यापार ठप, सन्नाटे में डूबा कटड़ा
कटड़ा के चौक-चौराहे, धर्मशालाएं, होटल और बाजार अब लगभग वीरान हैं। जहां कभी श्रद्धालुओं की चहल-पहल रहती थी, वहां अब दुकानदार ग्राहक का इंतजार करते बैठे हैं।होटल एसोसिएशन के प्रधान राकेश बजीर, उप प्रधान वीरेंद्र केसर व अन्य होटल संचालकों ने बताया कि ऐसी स्थिति पिछले कई वर्षों में नहीं देखी गई। वीकेंड को छोड़ दें तो अब कई होटल एक या दो कमरों तक सीमित बुकिंग पर चल रहे हैं।
सरकार और प्रशासन से सुरक्षा पुख्ता करने की अपील
अब उम्मीद सिर्फ भरोसे और प्रयासों सेस्थानीय व्यापारियों और यात्रा संघों ने सरकार और प्रशासन से अपील की है कि वह सुरक्षा व्यवस्था और पुख्ता करें, जिससे भय का धुंध हटे। यात्रा को लेकर सकारात्मक प्रचार अभियान भी चलाएं, जिससे श्रद्धालुओं का विश्वास बहाल हो सके।
हमें श्रद्धालुओं तक यह संदेश पहुंचाना होगा कि मां वैष्णो देवी की यात्रा पहले की तरह ही सुरक्षित और पवित्र है।इसके लिए सरकार सहित श्राइन बोर्ड को आगे आना होगा। हालांकि, वीकेंड पर श्रद्धालुओं की संख्या में कुछ बढ़ोतरी देखी गई है, लेकिन यह स्थायी समाधान नहीं है। स्थानीय लोग और प्रशासन दोनों मिलकर उम्मीद कर रहे हैं कि आने वाले महीनों में यात्रा दोबारा रफ्तार पकड़ेगी और धर्मनगरी कटड़ा की रौनक वापस आएगी।
यह खबर भी पढ़ें: India-Russia Relations: 'पहलगाम हमले के बाद पुतिन के दौरे से भारत-रूस के रिश्ते होंगे और भी मजबूत', एसपी वैद