लगातार जारी बारिश और भूस्खलन के बाद बालटाल व पहलगाम ट्रैक से अमरनाथ यात्रा रोक दी गई। हेलीकाप्टरों ने सीमित उड़ान भरे। पवित्र गुफा के करीब पहले से पहुंचे हुए 5919 श्रद्धालुओं ने बुधवार को हिमलिंग के दर्शन किए। बालटाल व पहलगाम ट्रैक पर बढ़ी फिसलन व भूस्खलन के खतरे को देखते हुए बुधवार को यात्रा को दोनों मार्गों से निलंबित रखा गया। अब तक 60752 यात्रियों ने पवित्र हिमलिंग के दर्शन किए हैं।
पारंपरिक बालटाल और पहलगाम ट्रैक पर बुधवार को बारिश का सिलसिला जारी रहने से यात्रियों की सुरक्षा को देखते हुए एहतियातन दोनों मार्गों से यात्रा को रोक दिया गया। मंगलवार को भूस्खलन की वजह से हुई तीन यात्रियों की मौत के बाद से बोर्ड व प्रशासन ज्यादा सतर्क हो गया हैं और श्रद्धालुओं की सुरक्षा को ध्यान में रखकर ही यात्रा मार्ग पर यात्रियों को आगे बढ़ने देने का निर्णय लिया गया है।
इधर, जम्मू के भगवती नगर आधार शिविर से 3708 श्रद्धालुओं का जत्था रवाना हुआ। इसमें पहलगाम मार्ग के लिए 2030 और बालटाल मार्ग के लिए 1678 श्रद्धालु रवाना हुए। श्रद्धालुओं का जत्था जैसे ही उधमपुर जिले के रठियान में पहुंचा उन्हें आगे नहीं जाने दिया गया। रामबन के विभिन्न हिस्सों में पस्सियां गिरने की वजह से यात्रियों को टिकरी, मांड, जखैनी व विभिन्न हिस्सों में लगाए गए लंगरों की तरफ रवाना कर दिया गया। इनको अब वीरवार के जत्थे के साथ भेजा जाएगा।
आज भी कुछ इलाकों में बारिश के आसार
श्रीनगर के मौसम विभाग के अनुसार, वीरवार को भी श्री अमरनाथ यात्रा मार्ग सहित राज्य के कुछ इलाकों में बारिश हो सकती है। हालांकि अधिकतर इलाकों में मौसम साफ ही रहेगा।