इलाज के दौरान एक महिला की मौत के बाद परिजनों ने उप-जिला अस्पताल नौशेरा के डॉक्टरों पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए शुक्रवार को हंगामा किया। मृत महिला के परिवारवालों ने नौशेरा के एडीसी, प्रीतम लाल थापा से मिलकर न्याय की गुहार लगाई और लापरवाह डॉक्टरों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की।
मृतका के भाई जय राम ने बताया कि उसकी बहन पिंकी देवी पत्नी चंद्र कुमार निवासी चौकी नौशेरा को 13 अगस्त को कमर दर्द के इलाज के लिए नौशेरा अस्पताल ले जाया गया था। डॉक्टर ने उसे एक टीका लगाया, जिसके बाद उसकी तबीयत बिगड़ गई। इसके बाद भी उन्हें दो बार अस्पताल में दिखाया गया। जय राम के मुताबिक 27 अगस्त को डॉक्टरों की टीम ने एक मामूली सर्जरी के लिए उनकी बहन को ऑपरेशन थिएटर में ले जाकर छोटा सा कट लगाया। इसके बाद महिला के शरीर में संक्रमण फैल गया, जिसके कारण उसकी हालत गंभीर हो गई।
हालत बिगड़ने पर डॉक्टरों ने उसे नौशेरा से गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज राजौरी रेफर कर दिया। राजौरी में भी हालत में सुधार न होने पर उसे जम्मू मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया। परिवारवालों ने बताया कि जम्मू के डॉक्टरों ने इलाज के दौरान कहा था कि मरीज का प्राथमिक उपचार सही ढंग से नहीं हुआ था। 28 अगस्त को जम्मू मेडिकल कॉलेज में इलाज के दौरान पिंकी देवी की मौत हो गई। इसके बाद परिवारवालों ने जमकर हंगामा किया।
परिजनों ने मांग की है कि जिन डॉक्टरों की लापरवाही से यह दुखद घटना हुई है, उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए। उन्होंने यह भी बताया कि मृतक महिला की तीन बेटियां हैं और वह एक गरीब परिवार से थी। पूर्व सरपंच पुरुषोत्तम लाल ने नौशेरा उप-जिला अस्पताल में बेहतर मशीनरी और लैब सुविधा की मांग की ताकि मरीजों को उचित इलाज मिल सके।
एडीसी नौशेरा प्रीतम लाल थापा ने परिजनों को आश्वासन दिया है कि उन्होंने डीसी राजौरी से बात की है। डीसी राजौरी इस मामले की जांच के लिए एक कमेटी का गठन करेंगे। यदि जांच में डॉक्टर दोषी पाए जाते हैं तो उनके खिलाफ निश्चित तौर पर कार्रवाई की जाएगी। इस दौरान ब्लॉक मेडिकल अधिकारी नौशेरा डॉ. चंद्र प्रकाश भी मौजूद थे।