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नायकू के बाद हिज्ब का कमांडर बना सैफुल्लाह उर्फ गाजी हैदर, साथी आतंकी इसे कहते हैं डॉक्टर सैफ

Mon, 11 May 2020 04:20 PM IST
प्रशांत कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू
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रियाज नायकू के मारे जाने के बाद हिज्ब का कमांडर बना सैफुल्लाह - फोटो : सोशल मीडिया
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हिजबुल कमांडर रियाज नायकू के मारे जाने के बाद मीर सैफुल्लाह को संगठन की कमान सौंपी जाने की चर्चा है। ए प्लस प्लस श्रेणी के सैफुल्लाह पर 10 लाख रुपये का इनाम है। वह 2014 से कश्मीर में सक्रिय है। मीर सैफुल्लाह उर्फ गाजी हैदर ने कश्मीर के पुलवामा जिले के मलंगपोरा से 12वीं की पढ़ाई की है।

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इसके बाद उसने आईटीआई से बायो मेडिकल का कोर्स किया। कोर्स पूरा करने के बाद उसने टेक्नीशियन के रूप में तीन साल तक नौकरी की। इसी दौरान वह आतंकियों के संपर्क में आया और नौकरी छोड़ आतंकवाद का दामन थाम लिया। बताया जाता है कि इसके साथी आतंकी इसे डॉक्टर सैफ कहते हैं।

पुलवामा के मलंगपोरा का मीर सैफुल्लाह इस समय ऑपरेशनल कमांडर है। सुरक्षाबलों की ओर से जारी आतंकियों की टॉप टेन लिस्ट में अब वह इकलौता बचा है। सुरक्षाबलों की ओर से उसकी लगातार तलाश की जा रही है। उधर, हिजबुल मुजाहिदीन आतंकी रियाज नायकू मारा क्या गया, पाकिस्तान में मौजूद उसके आका सैयद सलाहुद्दीन की सिट्टी-पिट्टी गुम हो गई है।

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सलाहुद्दीन का एक वीडियो सामने आया है, जिसमें वह सहमा हुआ नजर आया

इस्लामाबाद में बोलते हुए सलाहुद्दीन का एक वीडियो सामने आया है, जिसमें वह सहमा हुआ नजर आया। नायकू के खात्मे को अपने लिए सदमा बताया। साथ ही भारत को दुश्मन करार दिया लेकिन स्वीकारा कि इस समय भारत का पलड़ा भारी है।

नायकू का उल्लेख करते हुए सलाहुद्दीन की आवाज कांप रही थी। उसने भारतीय सेना के ऑपरेशन ऑल आउट पर कहा कि जनवरी 2020 से अब तक 80 आतंकियों को भारतीय सेना खत्म कर चुकी है। सलाहुद्दीन ने हंदवाड़ा हमले की जिम्मेदारी भी ली है। वहीं विशेषज्ञों के अनुसार नायकू के खात्मे के बाद हिजबुल मुजाहिद्दीन की कमर टूट चुकी है। इतना ही नहीं अब सलाहुद्दीन खुद को भी खतरे में महसूस कर रहा है।

वहीं आतंकी सलाहुद्दीन का खुलेआम सभा करना और पाकिस्तान को कोसना ये स्पष्ट करता है कि पाकिस्तान की इमरान सरकार आतंकियों के आगे नतमस्तक है। इतना ही नहीं इस आतंकी सभा की भारी संख्या पाकिस्तान की पोल खोल रही है।
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