मां बनने के बाद दो दिनों तक तड़प रही महिला के पेट में शनिवार को दो सर्जिकल ब्लेड पाए गए। पति ने इसे डाक्टरों की लापरवाही का नतीजा बताया। पीड़ित महिला का नाम डेजी है जो बडगाम जिले के सराय चाडूरा इलाके की रहने वाली है। महिला के पति मोहम्मद शेर गुजरी ने बताया कि दो दिन तक उसकी पत्नी दर्द से तड़पती रही।
उन्हें लगा कि यह सामान्य दर्द है जो समय रहते ठीक हो जाएगा लेकिन जब जांच हुई तो पता चला कि उसके पेट में सर्जिकल ब्लेड है। गुजरी ने बताया कि वह अपनी पत्नी को एक अप्रैल को ललदेद अस्पताल लाया था। उसका एमआरडी नंबर 090 था। उसने बताया कि डाक्टरों को उसका ऑपरेशन करना पड़ा था और प्रसव के दौरान उसने बेटे को जन्म दिया।
दो दिन बाद उसकी पत्नी के पेट में दर्द होने लगा। इसके बाद वह उन डाक्टरों के पास पहुंचा जिन्होंने उसकी पत्नी का ऑपरेशन किया था। डाक्टरों ने जब पत्नी की हालत देखी तो वह उसे उसी समय दोबारा ऑपरेशन थियेटर में ले गए और उसके पेट से ब्लेड निकाले। इसके बाद उसकी पत्नी की हालत में सुधार होना शुरू हुआ। डाक्टरों ने गलती के लिए माफी भी मांगी। इस घटना को लेकर जब अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक से संपर्क करने की कोशिश की गई तो वह उपलब्ध नहीं हो पाए।
सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार डेजी के ऑपरेशन में शामिल रहे डाक्टरों पर पहले भी इस तरह की लापरवाही बरतने का आरोप लग चुका है। 26 जनवरी 2010 को सुंबल की रहने वाली रेहाना अख्तर की मौत ऑपरेशन थियेटर में हुई थी। इस पर हुए हंगामे के बाद उस समय राज्य की विधानसभा के स्पीकर मोहम्मद अकबर लोन ने मामले की जांच के आदेश भी दिए थे जो न ही अबतक सार्वजनिक कि ए गए और न ही परिवार वालों को सौंपी गई है।