भारत-पाकिस्तान अंतर्राष्ट्रीय सीमा पर पिछले एक सप्ताह में लगातार गोलाबारी के बीच पीएमओ के हस्तक्षेप के बाद हीरानगर सेक्टर में अंतर्राष्ट्रीय सीमा से लेकर एलओसी तक 24 हजार नए बंकर बनाने को लेकर सहमति बन गई है। उच्च पदस्थ सूत्रों की मानें तो इस संबंध में गृह मंत्रालय की ओर से औपचारिक आदेश जल्द जारी कर दिया जाएगा, जिसके साथ ही इन इलाकों में चरणबद्ध तरीके से बंकर बनाने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।
जानकारी के अनुसार 19 हजार क्लस्टर बंकर होंगे, जिनमें तीन से चार परिवारों के लिए एक बंकर की व्यवस्था रहेगी। पांच हजार सामुदायिक बंकर बनेंगे, जिनमें गांव के लोग एक साथ या फिर कई मोहल्ले के लोगों को एक साथ ठहराने की व्यवस्था रहेगी। सूत्रों ने बताया कि मंजूर हुए बंकरों में बड़ी संख्या में हीरानगर सेक्टर में तैयार होंगे।
पीएमओ में राज्य मंत्री डा. जितेंद्र सिंह ने इस संबंध में लगातार गृह मंत्रालय से संपर्क किया। बुधवार देर शाम बैठक के दौरान बंकर बनाने की योजना में पड़ी अड़चनों को दरकिनार करते हुए सहमति बन गई। सूत्रों की मानें तो बंकर बनाने की योजना में भारी भरकम राशि शामिल थी, जिसके चलते कुछ देरी हुई।
उल्लेखनीय है कि डा. सिंह ने वर्ष 2015 की शुरुआत में ही लोगों से वादा किया था कि सीमावर्ती इलाके के लोगों की सुरक्षा को लेकर सरकार गंभीर है और जल्द की बंकर तैयार कर दिए जाएंगे।