फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

विस्थापन के 28 साल बाद घाटी गई बारात, नाचे कश्मीरी पंडित

Fri, 06 Oct 2017 12:10 AM IST
amarujala.com- Presented by: चंद्रा पाण्डेय
विज्ञापन
- फोटो : AMAR UJALA
विज्ञापन
जगती कैंप निवासी सुशील धर की बारात हुमहामा (अनंतनाग) जिलेे के लिए बुधवार को जगती कैंप से रवाना हुई। बीते 28 वर्षों से कोई बारात घाटी के लिए नहीं निकली थी, ऐसे में सुशील की बारात सभी के लिए खुशी का पैगाम लाई थी। बारात में शामिल होने के लिए सुशील के रिश्तेदार और जगती कैंप में रहने वाले लोग शामिल थे।
विज्ञापन


बुधवार शाम साढ़े छह बजे मट्टन मंदिर में सुशील के परिवार वालों और रिश्तेदारों ने भगवान का आशीर्वाद लेकर वीरवार सुबह दुल्हन पूजा टिक्कू के घर को रवाना होगी। जहां पूरे रीति-रिवाज से शादी होने के बाद बारात शुक्रवार तक वापसी करेगी।

अमर उजाला से सुशील ने फोन पर बताया कि उन्हें काफी खुशी है कि उनकी शादी घाटी के लोगों के लिए अमन का पैगाम लेकर आई है। उन्होंने कहा कि पिछले कई वर्षों सेे जगती कैंप में रहने वाले लोगों ने घाटी में शादी नहीं की थी, ऐसे में उनका वहां शादी करना वाकई में खुशी की बात है।
विज्ञापन


बता दें कि ढोल-नगाड़ों की थाप पर घाटी में कश्मीरी पंडितों को नाचे हुए जमाना बीत गया है। विस्थापन के 28 वर्षों बाद घाटी में किसी बारात जा रही है। घाटी बारात लेकर जाना लोगों में खुशी की बात है।
विज्ञापन
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें