11 दिन बाद शुरू हो रही रणजी ट्रॉफी में अपने पहले मैच के लिए प्रदेश की टीम का कैंप बुधवार को शुरू हुआ। पहले दिन जीजीएम साइंस कॉलेज मैदान पर खिलाड़ियों ने अभ्यास किया। हालांकि, दोपहर बाद बारिश के कारण टीम दुबारा मैदान पर नहीं लौटी। नौ दिसंबर को मेजबान टीम का पहला मुकाबला घरेलू मैदान पर उत्तराखंड के साथ होगा। हाल ही में संपन्न हुई सैयद मुश्ताक अली टी-20 ट्रॉफी से वापस लौटने के बाद टीम ने रणजी ट्रॉफी की तैयारियां शुरू कर दी हैं।
रणजी ट्रॉफी में प्रदेश की टीम का चयन होना है। कैंप में शामिल खिलाड़ियों का चयन उनकी फिटनेस और परफार्मेंस के आधार पर होगा। पिछले वर्ष रणजी ट्रॉफी में टीम के खराब प्रदर्शन के कारण इस बार सेलेक्शन कमेटी बल्लेबाजों पर विशेष फोकस करेगी। कोच मिलाप मेवाड खिलाड़ियों की तकनीक पर विशेष ध्यान दे रहे हैं।
टीम में अनुभवी खिलाड़ी : कोच
कोच मिलाप मेवाड़ ने कहा कि टीम में प्रतिभाशाली युवा और अनुभवी खिलाड़ी हैं। वर्तमान में खिलाड़ियों की तकनीक की सबसे बड़ी समस्यी है। उन्होंने कहा कि पिछले वर्ष रणजी में हमारे पास इरफान पठान थे, लेकिन इस वर्ष उनके स्थान पर किसी दूसरे खिलाड़ी को जिम्मेवारी सौंपनी है। यह हमारे लिए बड़ी चुनौती है, लेकिन हमारे पास ऐसे खिलाड़ी हैं जो जिम्मेदारी को अच्छी तरह निभा सकते हैं।
रणजी ट्रॉफी में चार दिन का मुकाबला होता है, ऐसे में लंबे फॉर्मेट में खिलाड़ियों की फिटनेस और तकनीक बड़ी अहम होती है। अगर हमारे बल्लेबाज चार सेशन बल्लेबाजी कर लेते हैं तो हम मैच में अच्छा कर सकते हैं। हमारे बल्लेबाजों में परेशानी है कि वह जल्दी विकेट गवा देते हैं। एक विकेट गिरने पर अन्य बल्लेबाज ज्यादा समय क्रीज पर टिक नहीं पाते। इस पर हमें सबसे अधिक ध्यान देना होगा।